अरुंधती रॉय की एक संस्मरण पुस्तक हाल ही प्रकाशित हुई – ‘मदर मेरी कम्स टू मी’, जिसे लेकर भीतर लिखा…
Category: समीक्षा
‘दूध की जाति’ की समीक्षा
आज पढ़िए युवा लेखक आलोक कुमार मिश्रा के कहानी-संग्रह ‘दूध की जाति’ पर युवा कवि जावेद आलम ख़ान की टिप्पणी।…
पूर्व-राग : एक पाठक की नोटबुक में कस्बों, किताबों और सिनेमा की दुनिया
आज प्रस्तुत है राकेश कुमार मिश्र द्वारा कथाकार-गद्यकार जयशंकर की किताब पूर्व-राग : एक पाठक की नोटबुक की समीक्षा –…
लोकगीत एक लड़की है: वागीश शुक्ल
युवा कवयित्री आकृति विज्ञा ‘अर्पण’ का प्रेम-पत्र संग्रह आया है ‘लोकगीत सी लड़की’। सर्वभाषा प्रकाशन से प्रकाशित इस संग्रह पर…
कृष्ण मोहन झा, तारों की धूल और पवन करण
कवि कृष्ण मोहन झा का कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है- तारों की धूल। लगभग दो दशक बाद प्रकाशित हुए उनके…
त्रिमाया: मातृसत्ता और इकोफेमिनिज्म पर एक जीवंत दस्तावेज
मनीषा कुलश्रेष्ठ का उपन्यास आया है ‘त्रिमाया’। जंगल, हाथियों की दुनिया को लेकर लिखे इस उपन्यास पर यह टिप्पणी लिखी…
चन्दन किवाड़ : जब किताब लोकगीत की तरह खुलती है
इस साल प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी की किताब आई ‘चंदन किवाड़’, लोकगीतों की दुनिया को लेकर एक शानदार किताब।…
सत्ता की राजनीति के विरुद्ध सत्य की राजनीति का संघर्ष: महाभोज
बिहार में चुनाव का माहौल है। वैसे माहौल हो या न, मन्नू भंडारी का ‘महाभोज’ हमेशा प्रासंगिक रहता है।शायद…
बलराम कांवट के उपन्यास ‘मोरीला’ पर यतीश कुमार की टिप्पणी
युवा लेखक बलराम कांवट के उपन्यास ‘मोरीला’ पर यह टिप्पणी लिखी है कवि-लेखक यतीश कुमार ने। भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित…
एक था जाँस्कर: मानव सभ्यता की निरंतरता की गाथा
डॉ अजय सोडानी की यात्रा-कथाएँ विशिष्ट होती हैं। ख़ासकर हिमालय की यात्राओं की। यह हिमालय यात्रा की उनकी चौथी किताब…



