नेहा नरुका की छह कविताएँ

  आज पढ़िए नेहा नरुका की कविताएँ। समकालीन कविता में नेहा का नाम जाना-पहचाना है। हाल में ही उनका कविता…

हिंदी साहित्य और हिंदी के डॉक्टर: प्रमोद रंजन

  प्रमोद रंजन का यह लेख एक साहित्योत्सव के पोस्टर से शुरु होकर सृजनशीलता और मौलिकता क्या है, जैसे बड़े सवालों…

गद्य की गहन ऐंद्रिकता में किसी इंटीमेट पेंटिंग की तरह डूबी कृति

इस साल जिस उपन्यास ने अपनी भाषा, अपनी कहन से मुझे बेहद प्रभावित किया वह सारंग उपाध्याय का उपन्यास ‘सलाम…

अजय नावरिया की कहानी ‘यस सर’

  आज पढ़िए हिन्दी के जाने माने लेखक अजय नावरिया की कहानी ‘यस सर’। अभी इस कहानी पर एक शॉर्ट…

संजीव के उपन्यास ‘जंगल जहाँ शुरू होता है’ पर यतीश कुमार की काव्यात्मक टिप्पणी

  यतीश कुमार ने काव्यात्मक समीक्षा की अपनी विशिष्ट शैली विकसित की। उसी शैली में उन्होंने संजीव के उपन्यास ‘जंगल…

निर्मल वर्मा: प्रेमचंद की उपस्थिति के बहाने अनुपस्थिति ढूंढने की कवायद

  युवा लेखक उमाशंकर चौधरी का यह विस्तृत लेख प्रेमचंद की परंपरा और उसको लेकर चली बहसों को समेटता हुआ…

     ज़िंदगी की व्यापकता से राब्ता: इज़ार मेंन्त ‘आ’ की मात्रा

युवा कवि नवीन रांगियाल के कविता संग्रह ‘इंतज़ार में ‘आ’ की मात्रा’ की विस्तृत समीक्षा की है युवा शोधार्थी अनु…

कंडोम और समलैंगिकता से आविष्‍ट आर्यपुत्र

  वरिष्ठ कवि अष्टभुजा शुक्ल की कविताओं को पढकर यह लेख लिखा है युवा लेखक प्रमोद रंजन ने। प्रमोद रंजन…

अनुराग अन्वेषी की कविताएँ

  लेखक-पत्रकार अनुराग अन्वेषी से हमारा परिचय अनेक रूपों में है इसलिए उनका कवि रूप कुछ पीछे चला जाता है।…

सपना भट्ट की कुछ नई कविताएँ

आज पढ़िए सपना भट्ट की कविताएँ। उनकी कविताओं का अपना विशिष्ट स्वर समकालीन कविता में बहुत अलग है। आप भी…

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