सब ठीक-ठाक ही दीखता है इस अल्लसुबह…

अपर्णा मनोज की कविताओं का मुहावरा एकदम अलग से पहचान में आता है. दुःख और उद्दाम भावनाओं के साथ एक…

ज्ञानी होइ सो अरथु लगावै, मुरख होइ उठि जाइ

युवा इतिहासकार सदन झाकी पकड़ शास्त्र और लोक दोनों पर ही समान रूप से और गहरी है. लोक-ज्ञान पर इस…

एक लड़की लिख देती है ‘समंदर’

आज पेश है युवा कवि उस्मान ख़ान की कविताएँ। उस्मान को आप कल (22 सितम्बर 2011) इंडिया हैबिटैट सेंटर, नई…

दुश्मन-दोस्त सभी कहते हैं, बदला नहीं हूँ मैं

आज मशहूर शायर शहरयार को अमिताभ बच्चन के हाथों ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया जा रहा है. आइये उनकी कुछ ग़ज़लों का…

समुद्र में जाकर क्या हो जाता है वह?

यह कवि आरसी प्रसाद सिंह की जन्मशताब्दी का भी साल है. इस अवसर पर उनकी कुछ मैथिली कविताओं का हिंदी…

‘कामसूत्र’ सिर्फ सेक्स की किताब नहीं है

संस्कृत के जाने-माने विद्वान राधावल्लभ त्रिपाठी के संपादन में वात्स्यायन के ‘कामसूत्र’का नया संस्करण वाणी प्रकाशन से प्रकाशित हो रहा…

एकदम खाली है राहुल गांधी की बंडी की जेब

   युवा-कवि उमाशंकर चौधरी की कविताओं का एक अपना राजनीतिक मुहावरा है, जो उन्हें समकालीन कवियों में सबसे अलगाता है.…

पर्वत पर्वत धारा फूटे लोहा मोम सा गले रे साथी

गोरख पांडे क्रांति के कवि थे. आज जनांदोलन के इस दौर में उनकी कुछ कविताएँ ध्यान आईं. आप भी पढ़िए-…

‘उसने कहा था’: पन्ने से परदे तक

दिलनवाज़ आज बिमल रॉय की फिल्म ‘उसने कहा था’ के बारे में बता रहे हैं. चंद्रधर शर्मा गुलेरी की अमर…

गाँधी टू हिटलर’ की कहानी ‘ज़रा हटके’ है

फिल्म “गाँधी टू हिटलर’’ का कांसेप्ट प्रभावित करता है. द्यितीय विश्वयुद्ध के सबसे बड़े खलनायक हिटलर को लेकर, उसके अर्श…

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