इस साल पुस्तक मेले में अनेक किताबें आईं, लेकिन एक किताब मेरे लिये ख़ास है- संजय छेल का कहानी संग्रह…
अशअर नज्मी की कहानी ‘लाशों का रफ़ूगर’
अशअर नज्मी उर्दू के सुपरिचित लेखक हैं। 2021 में प्रकाशित उनके उपन्यास उसने कहा था को उर्दू का पहला पोस्ट्माडर्न…
बाल-कथा ‘धूप का आयत’
बच्चों में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने का एक बेहतरीन जरिया कथाएँ हैं जिसमें निरंतर यह जिज्ञासा बनी रहती…
नामवर जी की आलोचना पर शीत-युद्ध का प्रभाव रहा- प्रो० रामेश्वर राय
नामवर सिंह की जन्मशताब्दी पर हिंदू कॉलेज में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस रपट लिखी है शोध छात्र…
मौलाना की पारंपरिक छवि ध्वस्त करता ‘रूमी: एक आईना-सी ज़िंदगी’
बांग्ला भाषा के प्रसिद्ध लेखक रबिशंकर बल के उपन्यास का हिन्दी अनुवाद आया है-‘रूमी: एक आईना-सी ज़िंदगी’। अमृता बेरा द्वारा…
‘त्रिमाया’ की माया
मनीषा कुलश्रेष्ठ के उपन्यास ‘त्रिमाया’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक अविनाश कुमार ने। अविनाश कुमार उड़ीसा कैडर के…
हक़: जब सिनेमा अधिकार से सवाल करता है
हाल में ही सुपर्ण वर्मा निर्देशित फ़िल्म आई है ‘हक़’, जो पत्रकार जिग्ना वोरा की किताब ‘बानो: भारत की बेटी’…
भवाली सैनिटोरियम में बादलों के घेरे
आज हिन्दी की अप्रतिम लेखिका कृष्णा सोबती की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर उनकी कहानी ‘बादलों के घेरे’ पर यह…
झूठ के महावृत्तांत की काट है यह पुस्तक!
कल शाम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के खचाखच भरे ऑडिटोरियम में पुरूषोत्तम अग्रवाल की पुस्तक ‘मज़बूती का नाम महात्मा गांधी’ का…
सेरेंडिपिटी फेस्टिवल, गोवा: एक लेखक की डायरी
गोवा में सेरेंडिपिटी फेस्टिवल होता है, जिसकी बड़ी ख्याति है। हिन्दी के युवा कथाकार निहाल पराशर ने भाग लिया और…



