आजकल ‘बिबलियो फ़ार्मेसी’ और ‘पोएट्री फ़ार्मेसी’ की चर्चा है। एक जापानी उपन्यास ‘मोरीसाकी बुकशॉप के ख़ुशनुमा दिन‘ के बारे में…
अमित कुमार चरण पहाड़ी की कविताएँ
आज प्रस्तुत है अमित कुमार चरण पहाड़ी की बेहद ज़रूरी सवाल करती कविताएँ – अनुरंजनी ============================ 1. यह सिर्फ़ घंटा…
भारत पढ़ता है, लिखता है और शब्दों का उत्सव मनाता है
द गार्डियन.कॉम पर अमृत ढिल्लन ने एक लेख लिखा जिसमें उन्होंने लिखा कि भारत में किताब आनंद के लिए नहीं…
इरशाद ख़ान सिकंदर के कहानी संग्रह पर अशोक कुमार पांडेय
इरशाद ख़ान सिकंदर का पहला कहानी संग्रह ‘सिलवटों भरी रूह’ का प्रकाशन उनके निधन के बाद प्रकाशित हुआ। यह सोचकर…
अरविंद मोहन की पुस्तक ‘यह जो बिहार है’ का एक अंश
बिहार को लेकर वरिष्ठ पत्रकार-लेखक अरविंद मोहन की विचारोत्तेजक किताब आई है ‘यह जो बिहार है’। आइये राजकमल प्रकाशन से…
अनुपम त्रिपाठी की पाँच कविताएँ
आज पढ़िए युवा कवि अनुपम त्रिपाठी की कविताएँ। उनकी इन कविताओं में दिनंदिन के जीवन का संगीत है, जो बड़ी…
संजू शब्दिता की शायरी पर शारिक़ कैफ़ी
पिछले क़रीब एक दशक में सोशल मीडिया के माध्यम से जिन शायरों को जाना-सराहा उनमें संजू शब्दिता का नाम मेरे…
कोरियाई ड्रामा और सिनेमा: चमक के पीछे का अंधेरा
कोरियन भाषा संस्कृति की विशेषज्ञ कुमारी रोहिणी ने कुछ समय पहले ‘द वायर’ पर कोरियन संस्कृति के उभार के ऊपर…
यतीन्द्र मिश्र की किताब ‘नैनन में आन-बान’ पर
भारतीय संगीत परंपरा पर यतीन्द्र मिश्र की किताब आई है ‘नैनन में आन-बान’, जिसके ऊपर मेरी यह टिप्पणी पढ़िए- प्रभात…
राजेश कमल की बारह कविताएँ
आज पढ़िए राजेश कमल की कविताएँ। राजेश कमल बहुत संकोची कवि हैं लेकिन उनकी कविता मुखर हैं। सघन संवेदनाओं के…



