अस्सी: सांख्यिकी के शोर में सिसकती न्याय की पुकार

हाल में ही अनुभव सिन्हा की फ़िल्म आई है ‘अस्सी’। इस फ़िल्म पर यह टिप्पणी लिखी है मनीष चौरसिया ने।…

बूंग: आकांक्षा का भूगोल, स्वावलंबन की राजनीति और एक वैश्विक मान्यता

मणिपुरी भाषा की फ़िल्म बूँग को ब्रिटिश अकेडेमी ऑफ फ़िल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स(BAFTA) का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है। लक्ष्मीप्रिया देवी…

मसला वर्गीकरण का नहीं, मेहनताने का था

कल जानकी पुल पर प्रसिद्ध लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक ने लिट फ़ेस्ट, मानदेय को लेकर अपने विचार रखे। आज उसकी…

सुरेंद्र मोहन पाठक की निगाह में लिट फ़ेस्ट

प्रसिद्ध लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक ने लिट फ़ेस्ट पर चली बहस के बहाने साहित्य और साहित्यकारों से जुड़े कई मुद्दे…

दूर देश के परिंदे: उजड़ने और बसने के बीच की करुणा का कथानक

अनामिका का उपन्यास ‘दूर देश के परिंदे’ जैसे आजादी के आसपास के भारत में चलने वाले विमर्शों की कथा है।…

मनीष यादव की कविताएँ

फ़रवरी, जिसे प्रेम का महीना भी कहा जाता है। इसके बीतने के पहले आइए कुछ प्रेम-कविताएँ पढ़ते हैं। ये कविताएँ…

शंकर: अपनी निगाह में

कल बांग्ला भाषा के बेहद लोकप्रिय लेखक शंकर का निधन हो गया। उनके उपन्यास ‘चौरंगी’ से हम सब अच्छे से…

ट्विंकल तोमर सिंह की पाँच कविताएँ

आज पढ़िए ट्विंकल तोमर सिंह की कविताएँ। वह पेशे से अध्यापक हैं। कविताएँ, कहानियाँ लिखती हैं। जानकी पुल पर इनकी…

कोहरा 2 हमें उत्तेजित नहीं करता, हमें असहज करता है

आज पढ़िए वेब सीरिज़ कोहरा सीजन 2 पर प्रसिद्ध संस्कृतिकर्मी वाणी त्रिपाठी की यह टिप्पणी- मॉडरेटर  ============================ पंजाब की सर्द…

बॉर्डर 2- आप देखें और कहें- जय हिंद!

पिछले महीने फ़िल्म आई ‘बॉर्डर 2’. इस फ़िल्म पर रोचक शैली में यह टिप्पणी लिखी है जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी