अंकिता जैन ‘ऐसी वैसी औरत’ किताब की लेखिका हैं. समकालीन परिदृश्य पर बेहद सक्रिय हैं और निरंतर कुछ नया करने…
सबसे बड़ा जोखिम है मान लेना कि थोड़ी से हँसी की क़ीमत हैं
आज कुछ कविताएँ अनुकृति उपाध्याय की. अनुकृति एक अंतरराष्ट्रीय वित्त कम्पनी में काम करती हैं. मुंबई-सिंगापुर में रहती हैं. हिंदी…
श्री श्री रविशंकर की पहली आधिकारिक जीवनी वेस्टलैंड से प्रकाशित
वेस्टलैंड बुक्स से श्री श्री रविशंकर की आधिकारिक जीवनी ‘गुरुदेव शिखर पर अचल’ का प्रकाशन हुआ है. इसे लिखा है…
उषा प्रियंवदा को पढ़ना एक साथ बहुत से बिंबों में घिर जाना है
रोहिणी अग्रवाल हमारे समय की एक सजग और गंभीर आलोचक हैं. अभी हाल में ही उन्होंने राजकमल प्रकाशन की ‘प्रतिनिधि…
पत्रकारिता और उपन्यास एक ही माँ की संतान हैं: मार्केज़
गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की किताब ‘द स्टोरी ऑफ़ ए शिपरेक्ड सेलर’ एक ऐसी किताब है जो पत्रकारिता और साहित्य के…
‘चाहे हमें कारतूस से मार दिया जाए लेकिन हम समाज की बुराई को लगातार उठाते रहेंगे’
सुरेश कुमार लखनऊ विश्वविद्यालय के शोधार्थी हैं. उन्होंने नवजागरणकालीन पत्रकारिता पर लिखते हुए इस लेख में यह बताया है कि…
असहमति हो या सहमति पर बोलें जरूर!
योगेश प्रताप शेखर बिहार के केन्द्रीय विश्वविद्यालय, गया में प्राध्यापक हैं. शिक्षा को लेकर बहुत अच्छे फेसबुक पोस्ट लिखते हैं.…
अंकिता जैन की कविताएँ
अंकिता जैन को हम सब ‘ऐसी वैसी औरत’ की लेखिका के रूप में जानते हैं. वह एक संवेदनशील कवयित्री भी…
फायरफॉक्स फोकस अब अंगिका में भी उपलब्ध
एंड्रायड के लिए फायरफॉक्स का एक विशेष ब्राउजर फोकस अब अंगिका भाषा में भी उपलब्ध है। मोजिला फायरफॉक्स की ओर…
लेखकों को ‘चीयर अप’ करने के लिए पुस्तक विमोचन पार्टी में कोई हर्ज नहीं है!
पुस्तक विमोचन संस्कृति पर लेखक महेंद्र राजा जैन का यह लेख आज ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित हुआ है. न…



