लाल शाहबाज़ कलंदर की दरगाह के बारे में ओम थानवी ने क्या लिखा था?

कल जब टीवी पर यह समाचार देखा कि सूफी फ़कीर शाहबाज़ कलंदर की मजार पर धमाका हुआ है तो मुझे…

मृणाल पांडे के किस्से: अथ एक कौड़ी के तोते का प्रबंध- 3

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे अपने लेखन में नए नए प्रयोगों के लिए जानी जाती हैं. इस बार वह किस्सागोई की…

विशुद्ध आत्मा के कवि पीयूष दईया का काव्य पाठ

हम पीयूष दईया के इस काव्यपाठ के साथ काव्य पाठ की सीरीज शुरू कर रहे हैं. एक गहरे दार्शनिक कवि…

नाटक क्या सिनेमा का फाटक होता है?

  आज ‘प्रभात खबर’ अखबार में भारंगम के बहाने मैंने नाटक-नाटककारों पर लिखा है. आप यहाँ भी पढ़ सकते हैं-…

ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की जीवनी प्रकाशित होने वाली है

ऋषि कपूर और करण जौहर की आत्मकथा के बाद अब बारी है ड्रीम गर्ल कही जाने वाली हेमा मालिनी की…

पटना पुस्तक मेला की पॉलिटिक्स क्या है?

पटना पुस्तक मेला को किताबों की दुनिया का कुम्भ कहा जा सकता है. बिहार में पुस्तक संकृति को बचाए बनाये…

खरीद बिक्री के आंकड़े साहित्य के मूल्य तय नहीं करते- ऋषिकेश सुलभ

आज ऋषिकेश सुलभ का जन्मदिन है. वरिष्ठ पीढ़ी के सबसे सक्रिय लेखकों में एक सुलभ जी ने अपने नाटकों, अपनी…

वैलेंटाइन पर परदेशी बाबू की देसी चिट्ठी

प्रवीण कुमार झा रहते नॉर्वे में हैं लेकिन ठेठ देशी किस्सा-कहानी लिखते हैं. वामा गांधी के नाम से ‘चमनलाल की…

 आप सब को हैप्पी यौम-ए-मोहब्बत डे!

आज वैलेंटाइन डे है. सदफ़ नाज़ अपने पुराने चुटीले अंदाज़ में लौटी हैं. कुछ मोहब्बत की बातों के साथ, कुछ…

मैं वेद प्रकाश शर्मा बनना चाहता था!

साल 1994 का था। इम्तियाज़ को मुम्बई गए एक साल हो गया था। एक दिन महाशय(राकेश रंजन कुमार) मेरे पास…

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