‘प्रतिलिपि’ ने किताबों के प्रकाशन के लिए वित्तीय मदद मांगी थी– अशोक वाजपेयीJune 5, 20131 mins10श्री अशोक वाजपेयी का यह ईमेल हमें प्राप्त हुआ है जिसमें उन्होंने ‘प्रतिलिपि बुक्स’ को लेकर कुछ…ब्लॉग continue Reading..
मृत्यु एक बड़ी चीज़ है लेकिन जीवनJune 2, 20131 mins4आज शाम सात बजे दिल्ली के हैबिटेट सेंटर में ‘कवि के साथ’ कार्यक्रम में तीन कवियों को… continue Reading..
हर तरह की हत्या को ख़ारिज करती है मेरी कविताJune 1, 20131 mins0समकालीन हिंदी कविता की एक मुश्किल यह है कि वह ‘पोलिटिकली करेक्ट’ होने के प्रयास में अधिक… prabhatcontinue Reading..
हर तरह की हत्या को ख़ारिज करती है मेरी कविताJune 1, 20131 mins5समकालीन हिंदी कविता की एक मुश्किल यह है कि वह ‘पोलिटिकली करेक्ट’ होने के प्रयास में अधिक…ब्लॉग continue Reading..
जो कम्यूनिस्ट नहीं है, उसे कम्यूनिस्ट विरोधी होने का हक हैMay 31, 20130 min0 prabhatcontinue Reading..
जो कम्यूनिस्ट नहीं है, उसे कम्यूनिस्ट विरोधी होने का हक हैMay 31, 20132 mins32‘कथादेश’ के जून 2013 के अंक में प्रसिद्ध लेखिका-आलोचिका अर्चना वर्मा का लेख प्रकाशित हुआ है ‘असहमति और विवाद…ब्लॉग continue Reading..
ये भी कोई जाने की उम्र होती है- दीप्ति नवलMay 31, 20131 mins0ऋतुपर्णो घोष का जाना सचमुच अवाक कर गया. साहित्य और सिनेमा के खोये हुए रिश्ते को जोड़ने वाले… prabhatcontinue Reading..
ये भी कोई जाने की उम्र होती है- दीप्ति नवलMay 31, 20131 mins6ऋतुपर्णो घोष का जाना सचमुच अवाक कर गया. साहित्य और सिनेमा के खोये हुए रिश्ते को जोड़ने वाले…ब्लॉग continue Reading..
मुझे देखती हैं मोनालिसा की आँखेंMay 28, 20131 mins30कुछ दिन पहले सुमन केशरी की कविताओं के संकलन ‘मोनालिसा की आँखें’ का विमोचन हुआ. सुमन जी शब्दों को…ब्लॉग continue Reading..