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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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हिन्दी कविता के दो दशक– चेहरे, मुखौटे और चश्मे

August 24, 2011August 6, 20251 mins154
  समकालीन कविता क्या अपने समय-समाज का रूपक है? क्या समकालीन कवि आधुनिक हिंदी कविता की छायाओं…
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हर गाँव शहर अब गूँज उठे जनगणमन के स्वर से

August 22, 20111 mins9
प्रसिद्ध कवि सुशील सिद्धार्थ के दो जनगीत आज प्रस्तुत हैं, भ्रष्टाचार के खिलाफ हो रहे, जन-लोकपाल के…
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    पर्वत पर्वत धारा फूटे लोहा मोम सा गले रे साथी

    August 21, 20111 mins0
    गोरख पांडे क्रांति के कवि थे. आज जनांदोलन के इस दौर में उनकी कुछ कविताएँ ध्यान आईं.…
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      पर्वत पर्वत धारा फूटे लोहा मोम सा गले रे साथी

      August 21, 20111 mins172
      गोरख पांडे क्रांति के कवि थे. आज जनांदोलन के इस दौर में उनकी कुछ कविताएँ ध्यान आईं.…
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      ज़माने भर को को है उम्मीद उसी से

      August 21, 20111 mins8
      आज ज़हीर रह्मती की ग़ज़लें. वे नए दौर के संजीदा शायर हैं. ‘कुछ गमे-जानां, कुछ गमे दौरां’…
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        इमरान खान एक से ज्यादा मैदानों में खेलने वाला एक गैम्बलर है

        August 17, 20111 mins8
        भारतीय उप-महाद्वीप के सबसे महान हरफनमौला क्रिकेटर इमरान खान के जीवन-सफर पर किताब लिखने वाले फ्रैंक हुजुर…
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          ‘कसप’ मैंने घोर निराशा और मोहभंग की मनःस्थिति में लिखा: मनोहर श्याम जोशी

          August 9, 20111 mins0
          आज हिंदी के मूर्धन्य लेखक मनोहर श्याम जोशी जीवित होते तो ७८ साल के हुए होते. आज…
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            ‘कसप’ मैंने घोर निराशा और मोहभंग की मनःस्थिति में लिखा: मनोहर श्याम जोशी

            August 9, 2011August 12, 20251 mins12
            आज हिंदी के मूर्धन्य लेखक मनोहर श्याम जोशी जीवित होते तो ७८ साल के हुए होते. आज…
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            \’उसने कहा था\’: पन्ने से परदे तक

            August 3, 20111 mins0
            दिलनवाज़ आज बिमल रॉय की फिल्म \’उसने कहा था\’ के बारे में बता रहे हैं. चंद्रधर शर्मा…
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              ‘उसने कहा था’: पन्ने से परदे तक

              August 3, 20111 mins12
              दिलनवाज़ आज बिमल रॉय की फिल्म ‘उसने कहा था’ के बारे में बता रहे हैं. चंद्रधर शर्मा…
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