वह बच्चा किसका है?
विश्व पुस्तक मेले में इस साल प्रसिद्ध पत्रकार, कथाकार गीताश्री की पुस्तक ‘सपनों की मंडी’ की बड़ी चर्चा रही. प्रस्तुत…
‘मोनोक्रोम’ एक पुरानी कहानी
मैं मूलतः कहानियां लिखता हूँ. लेकिन जानकी पुल पर उनको कम ही साझा करता हूँ. आज अपनी एक पुरानी कहानी…
यह चाँद है या काँच है जो पहर बेपहर चमक रहा है
कुछ साल पहले युवा कवि तुषार धवल का कविता संग्रह राजकमल प्रकाशन से आया था ‘पहर यह बेपहर का’. अपनी…
स्मृतियों में ठहरे अज्ञेय
कोलकाता में ‘अपने अपने अज्ञेय’ का लोकार्पण अज्ञेय की जन्मशताब्दी के साल उनकी रचनात्मकता के मूल्यांकन-पुनर्मूल्यांकन का दौर चलता रहा.…
‘ग्लोबलाइजेशन’ पुस्तकों की देन है – चित्रा मुद्गल
कल से 20वां नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला शुरू होने जा रहा है। जीवन में पुस्तकों के महत्व को नकारा…
सफल लोगों के बारे में एक असफल आदमी की कविता
आज प्रियदर्शन की कविताएँ कुछ बदले हुए रंग, एक नए मुहावरे में. आख्यान के ढांचे में, कुछ गद्यात्मक लहजे में,…
सफल लोगों के बारे में एक असफल आदमी की कविता
आज प्रियदर्शन की कविताएँ कुछ बदले हुए रंग, एक नए मुहावरे में. आख्यान के ढांचे में, कुछ गद्यात्मक लहजे…
सुकमा के जंगल में काली धातु चमकती है
प्रसिद्ध पत्रकार आशुतोष भारद्वाज ने 2012 में छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में रहते हुए वहां के अनुभवों को डायरी के…
सुकमा के जंगल में काली धातु चमकती है
प्रसिद्ध पत्रकार आशुतोष भारद्वाज ने 2012 में छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में रहते हुए वहां के अनुभवों को डायरी के…



