कल हरदिल अज़ीज़ शायर शहरयार का इंतकाल हो गया. उनकी स्मृति को प्रणाम. प्रस्तुत है उनसे बातचीत पर आधारित यह लेख,…
‘आज का व्यावसायिक हिंदी सिनेमा एक उत्पाद है’
हाल के दिनों में सिनेमा पर गंभीरता से लिखने वाले जिस युवा ने सबसे अधिक ध्यान खींचा है वह मिहिर…
सत्य दरबारियों का शगल है
हमारी पीढ़ी में सबसे अलग मुहावरे वाले कवि तुषार धवल की कुछ नई कविताएँ. तुषार की कविताओं में मुझे कभी-कभी…
\’स्वतंत्रता\’ की अभिव्यक्ति पर चीनी कवि को सजा
चीन के विद्रोही कवि जू युफु ने एक कविता लिखी ‘it’s time’, skype पर. इस अपराध में उन्हें सात साल…
‘स्वतंत्रता’ की अभिव्यक्ति पर चीनी कवि को सजा
चीन के विद्रोही कवि जू युफु ने एक कविता लिखी ‘it’s time’, skype पर. इस अपराध में उन्हें सात साल…
स्त्रियाँ सुन्दर हो जाती हैं जब उनसे फूटता है रुदन
आज प्रस्तुत हैं निज़ार क़ब्बानी की पाँच कविताएँ, जिनका बहुत अच्छा अनुवाद किया है सिद्धेश्वर सिंह ने- जानकी पुल. ०१–टेलीफोन टेलीफोन…
स्त्रियाँ सुन्दर हो जाती हैं जब उनसे फूटता है रुदन
आज प्रस्तुत हैं निज़ार क़ब्बानी की पाँच कविताएँ, जिनका बहुत अच्छा अनुवाद किया है सिद्धेश्वर सिंह ने- जानकी पुल. ०१–टेलीफोन टेलीफोन…
पाँचवें प्यार की पुण्यतिथि
अभी हाल में एक गंभीर और प्रिय कवि प्रेम रंजन अनिमेष की कहानी पढ़ी ‘पंचमी’. प्रेम कहानियां तो मैंने बहुत…
सृजनात्मकताएं मृत्यु का प्रतिकार हैं
पिछले 1 जनवरी को उदयप्रकाश 60 साल के हो गए. मुझे बहुत आश्चर्य है कि उनकी षष्ठिपूर्ति को लेकर किसी…
अपनी हिंदी में बेस्टसेलर की तलाश
हिंदी में ‘बेस्टसेलर’ की चर्चा एक बार फिर शुरु हो गई है. एक ज़माना था जब पत्रिकाओं में निराला की…



