हिंदी में ‘बेस्टसेलर’ की चर्चा एक बार फिर शुरु हो गई है. एक ज़माना था जब पत्रिकाओं में निराला की…
यातनाएं वैसी ही हैं जैसी थीं
कविता की मोजार्ट कही जाने वाली विश्वावा शिम्बोर्स्का का 89 साल की उम्र में निधन हो गया. पोलैंड की इस…
साहित्य ‘कुबड़ों का टूर्नामेंट’ है
गिरिराज किराडू हिंदी के ‘भारतभूषण’ कवि हैं, प्रतिलिपि.इन के कल्पनाशील संपादक हैं, प्रतिलिपि बुक्स के निदेशक हैं, कुछ अलग तरह…
अपर्णा मनोज की कहानी ‘द ब्लू प्रिंट’
उपसंहार से शुरु होने वाली इस कहानी के बारे में वाचिका का कहना है कि यह कहानी नहीं बस…
सपने में सेंध मारने लगा है ईश्वर
राकेश श्रीमाल की कविताएँ \’हिय आँखिन प्रेम की पीर तकी\’ के मुहावरे में होती हैं. कोमल शब्द, कोमल भावनाएं, जीवन-प्रसंग-…
सपने में सेंध मारने लगा है ईश्वर
राकेश श्रीमाल की कविताएँ ‘हिय आँखिन प्रेम की पीर तकी’ के मुहावरे में होती हैं. कोमल शब्द, कोमल भावनाएं, जीवन-प्रसंग-…
कहां हो दिल्ली के परमज्ञानी आचार्य?
जशपुर के ठूंठी अम्बा गाँव में एक पिता जिसकी बेटी हाल में ही लौटी युवा कथाकार-पत्रकार आशुतोष भारद्वाज छत्तीसगढ़ के…
क्यों राज्यसभा में ऐसी निष्क्रियता छाई है?
महान आधुनिक ग्रीक कवि कॉन्स्टेनटीन कवाफी की कविताओं के सम्मोहक आकर्षण ने यायावर कवि, ‘कलाबाज़’ पीयूष दईया को अपनी ओर…



