राष्ट्र के बदले प्रान्त: रेणु साहित्य और आंचलिक आधुनिकता

सांस्कृतिक इतिहासकार सदन झा के इस पाठ को उसी तरह से देखा, सुना और महसूस किया जा सकता है जिस…

बाबू कुंवर सिंह तोहरे राज बिना…

1857 के जुबानी किस्से अभी हाल में ही रूपा एंड कंपनी से इतिहासकार पंकज राग की पुस्तक आई है 1857–…

नश्तर खानकाही की चार ग़ज़लें

नश्तर ख़ानकाही की शायरी में फ़कीराना रक्स है। कुछ-कुछ लोकगीतों की सी छंद, खयाल की सादगी। हिन्दी में उनकी ग़ज़लें…

नश्तर खानकाही की चार ग़ज़लें

नश्तर ख़ानकाही की शायरी में फ़कीराना रक्स है। कुछ-कुछ लोकगीतों की सी छंद, खयाल की सादगी। हिन्दी में उनकी ग़ज़लें…

फेसबुक पर फर्जी काशीनाथ सिंह

कल दोपहर बाद हम युवा लेखकों को बड़ा सुखद आश्चर्य हुआ जब हमने वरिष्ठ लेखक काशीनाथ सिंह का फेसबुक पर…

फेसबुक पर फर्जी काशीनाथ सिंह

कल दोपहर बाद हम युवा लेखकों को बड़ा सुखद आश्चर्य हुआ जब हमने वरिष्ठ लेखक काशीनाथ सिंह का फेसबुक पर…

ज्ञान प्रकाश विवेक की ग़ज़लें

ज्ञान प्रकाश विवेक हिन्दी के उन चंद शायरों में शुमार किए जाते हैं जिनमें उर्दू शायरी की रवानी भी है…

ज्ञान प्रकाश विवेक की ग़ज़लें

ज्ञान प्रकाश विवेक हिन्दी के उन चंद शायरों में शुमार किए जाते हैं जिनमें उर्दू शायरी की रवानी भी है…

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