वह तो सुगंध की तरह थी अनियंत्रित

अपने प्रिय कवि बोधिसत्त्व की एक नई लंबी कविता आपके लिए- जानकी पुल.  ————————————————————————- उसकी हँसी उस पर झुमका चुराने…

नामवर सिंह पर कमलेश्वर का लेख

आज मूर्धन्य आलोचक नामवर सिंह की जयंती है. आज भी हिंदी की सबसे बड़ी पहचान नामवर सिंह ही हैं.  यह…

इज़राइल नाम की दीवार के आगे ग्रास

गुंटर ग्रास की कविता और उसके लेकर उठे विवाद पर प्रसिद्ध पत्रकार-कवि-कथाकार प्रियदर्शन का एक सुविचारित लेख- जानकी पुल. नोबेल…

मीडियॉकर लोग साहित्य में हावी होते जा रहे हैं

मुंबई के सुदूर उपनगर में आने वाला नायगांव थोडा-बहुत चर्चा में इसलिए रहता है है कि वहां टीवी धारावाहिकों के…

\’न्यू थियेटर्स’ की कहानी ‘फ़ीनिक्स पक्षी’ से मेल खाती है

कल कुंदनलाल सहगल की पुण्यतिथि थी. इस मौके पर उनको एक नई पहचान देने वाले न्यू थियेटर्स पर एक दिलचस्प…

कहानी हीर-रांझा की पुरानी थी, पुरानी है

हिंदी गज़लों का अपना मिजाज रहा है, उसकी अपनी रंगों-बू है और उसकी अपनी \’रेंज\’ भी है. वह जिंदगी के…

भीषण तनाव है, सीने में घाव है

  किसने कहा था कि कविता असल में चिंतन की एक शैली है, याद नहीं. लेकिन युवा कवि मृत्युंजय की…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी