दो पल की कशमकश का वक्फा

मूलतः पंजाबी भाषी तजेन्दर सिंह लूथरा हिंदी में कविताएँ लिखते हैं. हाल में ही उनका कविता संग्रह राजकमल प्रकाशन से…

अज्ञेय अपने दौर के सबसे बड़े कवि थे- नामवर सिंह

ओम थानवी (बाएं) द्वारा संपादित ‘अपने अपने अज्ञेय’ के परिवर्धित संस्करण (दो भाग) का लोकार्पण करते हुए डॉ नामवर सिंह.…

यह फागुनी हवा मेरे दर्द की दवा

फणीश्वरनाथ रेणु ने बहुत अच्छी कविताएँ भी लिखीं. उनकी एक कविता \’मेरा मीत शनिचर\’ बहुत लोकप्रिय है. फागुन के महीने…

जीतेंद्र श्रीवास्तव को देवीशंकर अवस्थी सम्मान

वर्ष २०११ का देवीशंकर अवस्थी सम्मान युवा कवि-आलोचक जीतेंद्र श्रीवास्तव को दिए जाने की घोषणा हुई है. उनको यह पुरस्कार…

सफल लोगों के बारे में एक असफल आदमी की कविता

आज प्रियदर्शन की कविताएँ कुछ बदले हुए रंग, एक नए मुहावरे में. आख्यान के ढांचे में, कुछ गद्यात्मक लहजे में,…

सफल लोगों के बारे में एक असफल आदमी की कविता

  आज प्रियदर्शन की कविताएँ कुछ बदले हुए रंग, एक नए मुहावरे में. आख्यान के ढांचे में, कुछ गद्यात्मक लहजे…

सुकमा के जंगल में काली धातु चमकती है

प्रसिद्ध पत्रकार आशुतोष भारद्वाज ने 2012 में छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में रहते हुए वहां के अनुभवों को डायरी के…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी