आज अज्ञेय की जन्म-शताब्दी है. आज से अज्ञेय के साहित्य को लेकर तीन दिनों के कार्यक्रम का भी शुभारंभ हो…
Author: prabhat
\’रेणु\’ हिन्दी साहित्य के संंत लेखक थे – निर्मल वर्मा
इस बात में कोई दो राय नहीं कि फणीश्वरनाथ रेणु हिंदी साहित्य के संत लेखक थे। लेकिन जब यही बात…
लेखक समाज और जनता का चौकीदार होता है
कुंवर नारायण के किसी परिचय की ज़रूरत नहीं है. ८० पार की उम्र हो गई है लेकिन साहित्य-साधना उनके लिए…
सच को झूठ और झूठ को सच बनाकर पेश करना है आसान
युवा पत्रकार विनीत उत्पल एक संवेदनशील कवि भी हैं. यकीं न हो तो उनकी कविताएँ पढ़ लीजिए- जानकी पुल. कुत्ते…
ऐसा नगर कि जिसमें कोई रास्ता न जाए
खलीलुर्रहमान आज़मी मशहूर शायर शहरयार के उस्तादों में थे. इस जदीदियत के इस शायर के बारे में शहरयार ने लिखा…
हमें फिर खुदा ने दिखाई बसंत
नजीर अकबराबादी की नज्मों के साथ सबको वसंतपंचमी मुबारक- जानकी पुल. १. फिर आलम में तशरीफ़ लाई बसंत हर एक…
गाँधी तूफान के पिता और बाजों के भी बाज़ थे
महात्मा गाँधी के ऊपर शायद हिंदी में सबसे अधिक कविताएँ लिखी गई हैं. महात्मा गाँधी के जन्मदिन के मौके पर प्रस्तुत…
भ्रष्टाचार अपने आप में एक सिस्टम और विचारधारा है
उदयप्रकाश हिंदी के उन थोड़े से ‘पब्लिक इंटेलेक्चुअल्स’ में हैं समय के साथ समाज में जिनकी विश्वसनीयता बढती गई है-…
कोई रूसो कोई हिटलर कोई खय्याम होता है
अदम गोंडवी की ग़ज़लों ने एक ज़माने में काफी शोहरत पाई थी. उस दौर की फिर याद इसलिए आ गई…



