लियो टॉलस्टॉय का उपन्यास आन्ना कारेनिना 1878 में प्रकाशित हुआ था। प्रेम, यौनाचार, बेवफ़ाई जैसी मूल प्रवृत्तियों को लेकर लिखे…
Author: prabhat
अम्बर पाण्डेय से प्रभात रंजन की बातचीत
समकालीन लेखकों में अम्बर पाण्डेय ऐसे हैं जिनके पास कहने के लिए बहुत कुछ है। परंपरा की गहरी समझ है…
लोक और शास्त्र का लालित्यपूर्ण वैभव- प्रिया नीलकण्ठी
आज हिन्दी के प्रसिद्ध निबंधकार कुबेरनाथ राय की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर उनके प्रसिद्ध निबंध संग्रह ‘प्रिया नीलकंठी’ पर…
बाघों के सबसे प्रिय दोस्त वाल्मीकि थापर का जाना
प्रकृति प्रेमी, बाघों के संरक्षण के लिए आजीवन काम करने वाले वाल्मीकि थापर नहीं रहे। उनके अतुलनीय योगदान को याद…
उनाकोटी और छबिमुड़ा: त्रिपुरा की गोद में छिपा रोमांच
जानी-मानी लेखिका विनीता परमार हाल में त्रिपुरा की एकल यात्रा पर गई थीं। त्रिपुरा यात्रा को उन्होंने शब्दों में…
प्रवीण ‘बनजारा’ की कहानी ‘दो एकांत’
पालतू पशुओं का चलन अब आम हो चुका है। इस संदर्भ में मुख्यतः अकेलेपन का सवाल उठता रहा है। इससे…
विनायक दामोदर सावरकर की पुस्तक‘1857 का स्वातंत्र्य समर’ का इतिहास
विनायक दामोदर सावरकर की किताब ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’ का भी अपना इतिहास है। यह पहली किताब है जिसमें 1857…
पूनम अरोड़ा की पुस्तक ‘परख’ की समीक्षा
कवयित्री पूनम अरोड़ा की पुस्तक आई है ‘परख’, जो प्रसिद्ध कवि-लेखक-संस्कृतिकर्मी अशोक वाजपेयी से बातचीत पर आधारित पुस्तक है। इसी…
ज्यामिति: संवेदना और साहस से उपजी कविताएँ
शांति नायर के कविता संग्रह ‘ज्यामिति’ पर यह विस्तृत टिप्पणी लिखी है जानी-मानी कवयित्री सुमन केशरी ने। राजकमल प्रकाशन से…
कान फ़िल्म फेस्टिवल: विस्तृत टिप्पणी
वाणी त्रिपाठी अभिनेत्री रही हैं, फ़िल्म सेंसर बोर्ड की सदस्य रही हैं। जानकी पुल के लिए वह एक स्तंभ लिखती…



