गगन गिल की कविताएँ : स्त्री के भीतर स्त्री की तलाश

अम्बुज पाण्डेय अपनी आलोचना और टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। गगन गिल की कविताओं पर उनका आलेख पाठकों के…

आहोपुरुषिका – सनातन विचार मेँ विवाह

वागीश शुक्ल अपने अद्वितीय निबन्धों, टीकाओं और अपने लिखे जा रहे उपन्यास के लिए प्रसिद्ध हैं। वे सम्भवतः हिन्दी के…

आलोक रंजन की कहानी ‘स्वाँग से बाहर’ पर कुमारी रोहिणी की टिप्पणी

जानकी पुल पर कल युवा लेखक आलोक रंजन की कहानी ‘स्वाँग से बाहर’ प्रकाशित हुई थी। कहानी समकालीन जीवन के…

आलोक रंजन की कहानी ‘स्वांग के बाहर’

आज पढ़िए युवा लेखक आलोक रंजन की कहानी ‘स्वाँग से बाहर’। आलोक रंजन को हम उनके यात्रा वृत्तांत ‘सियाहत’ से…

सूखा बरगद : धार्मिक कट्टरता के बीच उम्मीद की एक किरण

    कुछ कृतियों की प्रासंगिकता लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसी ही एक कृति मंज़ूर एहतेशाम  का उपन्यास ‘सूखा…

सारंग उपाध्याय की कहानी ‘तारीख़ों से गुजरने के बाद’

आज 26 नवंबर 2008 मुंबई हमले की 16वीं बरसी है. आजाद भारत के इतिहास में देश पर हुआ यह सबसे…

‘बिना कलिंग विजय के’ की एक कविता के बहाने

कल साहित्य आजतक में यतीन्द्र मिश्र के कविता संग्रह ‘बिना कलिंग विजय के’ का लोकार्पण हुआ। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित…

दीपा मिश्रा की कविताएँ

दीपा मिश्रा की कविताएँ उन स्त्रियों का प्रतिनिधित्व करती हैं जिनके मन में कई ऐसे सवाल हैं जिनका उत्तर वह…

नन्द चतुर्वेदी रचनावली पर प्रणव प्रियदर्शी की टिप्पणी

हाल में ही राजकमल प्रकाशन से नन्द चतुर्वेदी की रचनावली प्रकाशित हुई है। चार खंडों में प्रकाशित इस रचनावली का…

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