जानकी पुल के सलाहकार संपादक प्रचण्ड प्रवीर ने साहित्यिक साक्षात्कार को लेकर अपने विचार रखे हैं और कुछ सुझाव भी।…
Author: prabhat
उत्सव’ तभी मनाये जाते हैं, जब अंधकार गहरा होता है!
दिवाली महा-उत्सव है। भारत की उत्सवधर्मिता पर महान लेखक उदय प्रकाश ने यह लेख लिखा है। कल उनका यह प्रकाशित…
दक्षिण कोरिया के कवि को उन की कविताएँ
आज पढ़िए दक्षिण कोरिया के कवि को उन की कविताएँ। को उन कोरिया के प्रमुख कवि और राजनीतिक कार्यकर्ता रहे…
मनप्रीत कौर मखीजा की सात कविताएँ
आज मनप्रीत कौर मखीजा की सात कविताएँ। मनप्रीत गांधीनगर की रहने वाली हैं। कविताओं के साथ-साथ कहानियाँ भी लिखती हैं…
संजीव पालीवाल से प्रभात रंजन की बातचीत
आज प्रस्तुत है ‘मुंबई नाइट्स’ के लेखक संजीव पालीवाल से बातचीत। संजीव जी से बातचीत करने में बहुत आनंद इसलिए…
भइया का ‘सादी’
साहित्य का जीवन में समावेश सांस्कृतिक मूल्य है। इसमें गीत-कविता बहुधा आते हैं। यह पुस्तक अंश नौ साल पुरानी घटना…
विद्यानिवास मिश्र के भारत पर हितेन्द्र पटेल
प्रसिद्ध विद्वान विद्यानिवास मिश्र ने 1998 में एक किताब लिखी थी- ‘सपने कहाँ गए’। यह किताब एक तरह से आज़ादी…
ट्विंकल तोमर सिंह की कहानी ‘दो दीवाने शहर में’
विवाह संस्था की नींव स्त्री-पुरुष पर टिकी रहती है, यह तो सामान्य सी बात है लेकिन प्रत्येक स्त्री-पुरुष की स्थिति…
संपादन के अनुभव संपादक की ज़ुबानी
जानकी पुल की युवा संपादक अनुरंजनी ने संपादन के अपने अनुभवों को साझा किया है। पढ़िएगा कितनी ईमानदारी से लिखा…
पंकज सुबीर की कहानी ‘वीरबहूटियाँ चली गयीं’
मेरे भीतर के पाठक को कथा से पहले वातावरण जानना होता है कि कथा के पात्र आखिर विचरते कहां हैं, क्योंकि…



