मैं वापस आऊंगा: सरहद के उस पार, याद के इस पार

आज इम्तियाज़ अली की फ़िल्म ‘मैं वापस आऊँगा’ रिलीज़ हुई है। विभाजन की त्रासदी और इटरनल प्रेम की थीम को…

फ़ीफ़ा: पीठों पर लिखे राष्ट्र

कल यानी 11 जून से फुटबॉल का विश्वकप शुरू हो रहा है। इसी को लेकर लेखिका दीप्ति कुशवाह ने यह…

रसखान के जीवन पर आधारित उपन्यास का एक अंश

वाणी प्रकाशन से शीघ्र प्रकाश्य उपन्यास ‘मानुष हौं तो’ कथाकार भगवानदास मोरवाल का तेरहवाँ उपन्यास है। वाणी प्रकाशन से पिछले…

अचीन्हे विषयों से पहचान कराती कविताएँ

अमेय कान्त के हालिया प्रकाशित काव्य-संग्रह ‘किसी छूटे हुए दिन में’ पर यह टिप्पणी लिखी है वरिष्ठ कवि राजेश सक्सेना…

पानी की स्मृति और भविष्य की प्यास : कुमारी रोहिणी

फणीश्वरनाथ रेणु जब 'मैला आंचल' या अपनी कहानियों में पूर्णिया के आंचलिक जल-संसार को रचते हैं, तो कोसी और उसकी…

हमारा देश और पर्यावरण

आज विश्व पर्यावरण दिवस है। इस अवसर पर पढ़िए प्रसिद्ध लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ का यह लेख जो पर्यावरण को लेकर…

नेपाली भाषा के कवि देवेन्द्र खेरेस की कविताएँ

आज पढ़िए नेपाली भाषा के कवि देवेन्द्र खेरेस की कविताएँ। उन्होंने अपना पहला कविता–संग्रह ‘रूङ्रीको बयान र नदी किनारा’ सन्…

राहुल गांधी अगर राहुल गांधी न होते!

हाल में ही रामचंद्र गुहा द्वारा राहुल गांधी पर लिखे एक लेख की बहुत चर्चा है। ऐसे में इस लेख…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी