वीरेंद्र प्रताप यादव के उपन्यास ‘नीला कॉर्नफ्लावर’ की समीक्षा लिखी है डॉ. अपर्णा दीक्षित ने। आधार प्रकाशन से प्रकाशित इस…
Author: prabhat
प्रचण्ड प्रवीर की कहानी ‘एक था बुल और एक थी बुलबुल’
आज पढ़िए युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर की कहानी। प्रचण्ड अपने प्रयोगों के लिये जाने जाते हैं और अक्सर विधाओं में…
हरे प्रकाश उपाध्याय की नई कविताएँ
‘खिलाड़ी दोस्त’ के कवि हरे प्रकाश उपाध्याय आजकल कविताओं की नई शैली में लौटे हैं। पढ़िए उनकी कुछ नई कविताएँ-…
जिसे मिला तो सब कुछ मगर देर से
मुक्तिबोध के निधन और उनके अंतिम संस्कार पर यह दुर्लभ रपट लिखी है मनोहर श्याम जोशी ने, जो शायद ‘दिनमान’…
बलात्कार, कुछ दिन का शोर और फिर चुप्पी ही चुप्पी
इस समाज में स्त्री कहाँ सुरक्षित है? घर, बाहर, शिक्षण संस्थान या कोई भी संस्थान, पुलिस स्टेशन, जिसका काम ही…
यूरी बोत्वींकिन के नाटक ‘अंतिम लीला’ का अंश
आज जानकी पुल की विशेष प्रस्तुति मनीषा कुलश्रेष्ठ द्वारा- ============================== यूरी बोत्वींकिन मेरे फ़ेसबुक मित्र काफी समय से रहे हैं, मगर वैयक्तिक परिचय…
आदित्य रहबर की कविताएँ
आदित्य रहबर की कविताएँ बेहद प्रभावी हैं। आज प्रत्येक व्यक्ति जिसने अपनी सोचने-समझने की शक्ति को बचाई, बनाई रखी हुई…
गरिमा जोशी पंत की कहानी ‘गुठली’
मनुष्य के मनोविज्ञान पर कब कौन सी बात किस तरह असर करती रहती है इसे समझना बेहद जटिल है। तमाम…
मेक्सिको के आदिवासियों का जापटिस्ट आंदोलन, भारत का समकालीन आदिवासी आंदोलन तथा आदिवासी उपन्यास: विचारधाराओं का सहियापन और स्वशासन
आज महेश कुमार का यह शोध अलेख पढिए जिसमें उन्होंने मेक्सिको के आदिवासियों के जापटिस्ट आन्दोलन का भारत के समकालीन…
बदलते हिंदुस्तान के ज़मीनी यथार्थ का चेहरा: कर्फ़्यू की रात
आज पढ़िए युवा लेखक शहादत के कहानी संग्रह ‘कर्फ़्यू की रात’ की समीक्षा। लिखा है वैभव शर्मा ने। संग्रह का…



