ललन चतुर्वेदी की यह कविताएँ स्त्रियों के संघर्ष के विभिन्न पहलुओं की ओर ध्यान ले जाती हैं। आइए, उनकी यह…
Author: prabhat
स्त्रीवादी दुविधा
यह सवाल बहुत वाजिब है कि क्या स्त्रीवादी होने का मतलब केवल स्त्री हक़ तक ही सीमित है या इसमें…
गुलज़ार को संपूर्णता में सामने लाने वाली किताब
यतीन्द्र मिश्र की किताब ‘गुलज़ार सा’ब: हज़ार राहें मुड़ के देखीं’ पर यह टिप्पणी लिखी है कवि-लेखक यतीश कुमार ने।…
अरविंद कुमार मिश्र की कविताएँ
आज पढ़िए अरविंद कुमार मिश्र की कविताएँ। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र पढ़ाते हैं और कविताएँ लिखते हैं। जानकी…
संध्या नवोदिता की कहानी ‘विष खोपरा’
आज पढ़िए संध्या नवोदिता की कहानी ‘विष खोपरा’। एक छोटी सी घटना कितने बड़े संदर्भों से जुड़ सकती है इस…
‘ईश्वर और बाज़ार’ पर अपूर्वा बनर्जी की टिप्पणी
आज पढ़िए कवयित्री जसिंता केरकेट्टा के कविता संग्रह ‘ईश्वर और बाज़ार’ पर अपूर्वा बनर्जी की टिप्पणी। यह संग्रह राजकमल प्रकाशन…
आलोक कुमार मिश्रा की कहानी
स्त्री-मन विद्रोह करना चाहता है लेकिन क्या ऐसा हो पाता है ? अगर होता भी है तो किन परिस्थितियों में…
मेरी चेचिस की तारीख 18 अगस्त है
आज गुलज़ार साहब 90 साल के हो गये। उनकी कला यात्रा पर यह लेख लिखा है कवि, प्राध्यापक, लोक संस्कृति…
वियोगिनी ठाकुर की कविताएँ
वियोगिनी ठाकुर कविता व कहानी दोनों के लिए जानी जाती हैं। आज उनकी 18 कविताएँ प्रकाशित हो रही हैं, जो…
आज़ाद देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी?
अभी बीते वर्ष से भारत सरकार की ओर से यह आदेश जारी हुआ है कि प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को…



