प्रत्येक व्यक्ति की यौनिकता उसके सामाजिक परिवेश में ही निर्मित-प्रभावित होती है। ज्योति शर्मा की कहानी ‘चिकनी’ भी इस निर्मिति…
Author: prabhat
अशोक कुमार की कविताएँ
आज पढ़िए अशोक कुमार की कविताएँ। यह कविताएँ वर्तमान समय की उन प्रवृत्तियों की ओर ध्यान ले जाती हैं जिनमें…
शशिभूषण को याद करते हुए
वह एक ऐसी सतह पर था जिसके ऊपर उठना ही नहीं चाहता था मित्र लेखक शशिभूषण द्विवेदी के निधन के…
प्रियंका चोपड़ा की किताब का अंश
आज पढ़िए प्रियंका चोपड़ा की आत्मकथा ‘अभी सफ़र बाक़ी है’ का एक अंश। यह किताब पेंगुइन स्वदेश से प्रकाशित हुई…
पुस्तक ‘स्कोर क्या हुआ है?’ का एक अंश
प्रवीण कुमार झा हरफ़नमौला लेखक हैं। उनकी नई किताब ‘स्कोर क्या हुआ है?’ पढ़ते हुए इस बात पर ध्यान गया।…
मृत्युंजय कुमार सिंह के खंड काव्य ‘द्रौपदी’ की समीक्षा
आज प्रस्तुत है वरिष्ठ कवि मृत्युंजय कुमार सिंह के खंड काव्य ‘द्रौपदी’ की डॉ. सुनील कुमार शर्मा द्वारा समीक्षा। ========================================= सद्य प्रकाशित…
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पर प्रचण्ड प्रवीर
युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर की हर विषय पर अपनी राय होती है, अपना नज़रिया होता है। यहाँ व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पर…
सौरभ मिश्र की कुछ कविताएँ
आज पढ़िए सौरभ मिश्र की कुछ कविताएँ। इन कविताओं का फ़लक बहुत विस्तृत है। ‘दिल्ली की हत्या’ पढ़ते हुए कमलेश्वर…
ङगोग़ी वा दिओङओ से रीमो वेरडिक्ट और एमील रूतहूफ्ट की बातचीत
ङगोग़ी वा दिओङओ से रीमो वेरडिक्ट और एमील रूतहूफ्ट की बातचीत एल.ए.आर.बी [Los Angeles Review of Books] की वेबस…
अर्चना के शंकर की कहानी ‘गुलाबी साड़ी और दाल’
आज पढ़िए अर्चना के शंकर की कहानी ‘गुलाबी साड़ी और दाल’। अर्चना स्वतंत्र लेखन के साथ-साथ अनेक डिजिटल मंच के…



