उत्तराखंड में नेपाल और चीन बॉर्डर के गांव बगोटी में ४ अक्टूबर, १९६९ को जन्मे हरि मृदुल की प्रारंभिक शिक्षा…
पुतले का इतिहास और इतिहास का पुतला
प्रज्ञा मिश्रा का यह लेख अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों में चले रंगभेद विरोधी प्रदर्शनों को एक भिन्न नज़रिए से…
संतोष दीक्षित की कहानी ‘काल कथा’
संतोष दीक्षित की यह कहानी कोरोना काल के घटनाक्रम से बुनी एक रोचक कहनाई है। समय मिले तो पढ़िएगा- जानकीपुल…
नाटक कथा की प्रस्तुति प्रक्रिया: उथल पुथल की सृजनात्मकता
प्रवीण कुमार गुँजन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के छात्र रहे हैं।अब बेगूसराय में थिएटर करते हैं। नाटक की तैयारी, प्रस्तुति को…
लाल्टू का ‘खंडहर एक सफ़र’
लाल्टू हिंदी के जाने माने कवि हैं, सामाजिक कार्यकर्ता हैं, अनुवादक हैं। इस बार उन्होंने गद्य में खंडहर का सफ़रनामा…
ईशान त्रिवेदी की कहानी ‘गुलाबी पेड़’
ईशान त्रिवेदी टीवी, फ़िल्मों की दुनिया के जाने पहचाने नाम हैं। आजकल उनकी लिखी वेबसीरिज़ सोनी पर दिखाई जा रही…
प्रकृति करगेती की कहानी ‘चमगादड़’
युवा लेखिका प्रकृति करगेती की कहानियों से हम भली भाँति परिचित हैं। उनको ‘राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान भी प्राप्त…
अविमुक्त क्षेत्र (काशी) के मुक्त मेघों की प्रतीक्षा – भाग -1
प्रियंका नारायण बीएचयू की शोध छात्रा रही हैं। मिथकों पर अच्छा लिखती हैं। इस बार उन्होंने गल्प में मिथकीय…
और उन्हीं गहराइयों में उतर गए कैफ़ी
—संगीता ने यह संस्मरण कैफ़ी आज़मी के मई 2002 में निधन के बाद लिटरेट वर्ल्ड के लिए उन पर केंद्रित…
श्रीराम डाल्टन की फ़िल्म ‘स्प्रिंग थंडर’ पर गीताश्री की टिप्पणी
श्रीराम डाल्टन ऐक्टिविस्ट फ़िल्ममेकर रहे हैं। उनकी फ़िल्म ‘स्प्रिंग थंडर पर यह टिप्पणी लिखी है वरिष्ठ लेखिका गीताश्री ने। गीता जी…



