भगत सिंह! कुछ सिरफिरे-से लोग तुमको याद करते हैं

भगत सिंह की शहादत को प्रणाम के साथ कुछ कविताएँ युवा कवि त्रिपुरारि कुमार शर्मा की- जानकी पुल. ——————————– भगत…

क्या नाट्यशास्त्र आज भी प्रासंगिक है?

कवयित्री, नाट्यविद, संगीत-विदुषी वंदना शुक्ल हमेशा कला-साहित्य के अनछुए पहलुओं को लेकर बहुत गहराई से विश्लेषण करती हैं. जिसका बहुत…

कि वह तो हमेशा हमेशा, कि वह तो कभी नहीं कभी नहीं

http://akhilkatyalpoetry.blogspot.co.ukपर अपने मित्र सदन झा के सौजन्य से ब्रिटिश कवयित्री जैकी के की यह कविता पढ़ी तो अच्छी लगी. सोचा…

कि वह तो हमेशा हमेशा, कि वह तो कभी नहीं कभी नहीं

http://akhilkatyalpoetry.blogspot.co.ukपर अपने मित्र सदन झा के सौजन्य से ब्रिटिश कवयित्री जैकी के की यह कविता पढ़ी तो अच्छी लगी. सोचा…

कितने ही चाँद रोने लगे हैं सियारों की तरह

70 के दशक के आरम्भ में अशोक वाजपेयी सम्पादित ‘पहचान सीरीज’ ने जिन कवियों की पहचान बनाई थी दिविक रमेश…

किनारे बैठी औरत धोती रहती है अपने शोक

हाल के दिनों में जिन कुछ कवियों की कविताओं ने मुझे प्रभावित किया है महेश वर्मा उनमें एक हैं. हिंदी…

किनारे बैठी औरत धोती रहती है अपने शोक

हाल के दिनों में जिन कुछ कवियों की कविताओं ने मुझे प्रभावित किया है महेश वर्मा उनमें एक हैं. हिंदी…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी