हवाओं को मनाता हूं परिंदे रूठ जाते हैं

आज दुष्यंत की कुछ गज़लें-कुछ शेर. जीना, खोना-पाना- उनके शेरों में इनके बिम्ब अक्सर आते हैं. शायद दुष्यंत कुमार की…

संगीत के गांधी : भातखंडे

जयपुर से प्रेमचंद गाँधी के संपादन में ‘कुरजां’ नामक पत्रिका का प्रवेशांक आया है. ये शताब्दी स्मरण अंक है और…

फ़िल्मी गीतों को साहित्य की ऊंचाई देने वाले मजरूह सुल्तानपुरी

कल मशहूर शायर और गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी की पुण्यतिथि थी. उनके फ़िल्मी गीतों को लेकर प्रस्तुत है एक दिलचस्प लेख,…

एक महाशय जो फिल्म-निर्देशक बन गया.

आज मिलते हैं हाल में ही कांस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई विवादस्पद फिल्म ‘माई फ्रेंड हिटलर’ के डायरेक्टर राकेश…

एक महाशय जो फिल्म-निर्देशक बन गया.

आज मिलते हैं हाल में ही कांस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई विवादस्पद फिल्म ‘माई फ्रेंड हिटलर’ के डायरेक्टर राकेश…

यह भरोसा दरअसल वर्जिनिया पर था

जाने-माने ब्लॉगर विनीत कुमार इन दिनों कवियाये हुए हैं, उनके विद्रोही लैपटॉप से इन दिनों कोमल-कोमल कविताएँ प्रकट हो रही…

हिंदी-लेखकों को कब मिलेगी मुक्ति उपेक्षित होने के अहसास से

आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री जी के देहांत के बाद बड़े पैमाने पर इस बात को लेकर चर्चा हुई कि करीब…

हिंदी-लेखकों को कब मिलेगी मुक्ति उपेक्षित होने के अहसास से

आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री जी के देहांत के बाद बड़े पैमाने पर इस बात को लेकर चर्चा हुई कि करीब…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी