शहर छूटा, लेकिन वो गलियां नहीं!

वरिष्ठ पत्रकार-लेखिका गीताश्री की नई पुस्तक आई है सामयिक प्रकाशन से \’औरत की बोली\’. पुस्तक हिंदी में विमर्श के कुछ…

शहर छूटा, लेकिन वो गलियां नहीं!

वरिष्ठ पत्रकार-लेखिका गीताश्री की नई पुस्तक आई है सामयिक प्रकाशन से ‘औरत की बोली’. पुस्तक हिंदी में विमर्श के कुछ…

इस घोर कोलाहल के बीच स्वर संगति

आज विपिन चौधरी की कविताएँ, जिनमें करुणा है, जीवन के गहरे अनुभवों से उपजा विराग है और एक एक ऐसी…

अशोक कुमार पांडे की कहानी ‘जंगल’

अशोक कुमार पांडे संवेदनशील कवि ही नहीं हैं एक सजग कथाकार भी हैं. उनकी इस कहानी में हाशिए के लोगों…

तू खेलता है नूर से मेरे यक़ीन के

समकालीन हिंदी लेखकों में मनीषा कुलश्रेष्ठ का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है. हाल में ही उनका उपन्यास आया…

मंच के हंस : बलबीर सिंह रंग

हिंदी की मंचीय कविता को लोकप्रिय बनाने वाले कवियों में बलवीर सिंह रंग का नाम प्रमुखता से लिया जाता है.…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी