बचपन की ओर खुलता एक दरवाज़ा

लेखिका रेखा झा के उपन्यास ‘बिना मुरदों वाला दीया’ बचपन की स्मृतियों की अल्हड़ कहानी है। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित…

एक घाट, एक संसार: आग़ा शाहिद अली की स्मृति में

आगा शाहिद अली भारतीय अंग्रेज़ी कविता के ऐसे नाम थे जिनको अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली। कैंसर के कारण उनका निधन असमय…

सुबी ताबा से आशुतोष कुमार ठाकुर की बातचीत

आज पढ़िए अरुणाचल की लेखिका सुबी ताबा से बातचीत। सुबी का कहानी संग्रह ‘Tales from the Dawn-Lit Mountains’ मैंने जाने-माने लिटरेरी…

जब पहाड़ रोते हैं तो मैदान भीगते हैं

नेपाल में आई भयंक बाढ़ को लेकर लिखी यह एक लेखक की डायरी है। एक ऐसे लेखक की जो भारत-नेपाल…

फ़िल्मकार अरण्य सहाय से आशुतोष कुमार ठाकुर की बातचीत

अरण्य सहाय फिल्मकारों की उस नई पीढ़ी से आते हैं, जो आज की ज़िंदगी को चलाने वाली उन अदृश्य व्यवस्थाओं…

मिट्टी की महक और बारूद की गंध का संगम

हिंदी भाषा और नागरी लिपि के सतत उत्थान और प्रचार-प्रसार पर एकाग्र भारत की सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक…

बैचलर्स किचन: व्यंजन की नहीं, अनुपस्थिति की किताब

हाल में मीडिया विशेषज्ञ विनीत कुमार की किताब आई है ‘बैचलर्स किचन: अपना स्वाद, अपना अन्दाज़’। अपने ढंग की अकेली…

विकास कुमार झा का रचना-संसार: भूगोल, इतिहास और स्मृति

विकास कुमार झा ऐसे उपन्यासकार रहे हैं जिन्होंने कुछ दशक पहले ‘मैकलुस्कीगंज’ नामक उपन्यास लिखकर एक भुला दिये गये क़स्बे…

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