शोले: जेन ज़ी की निगाह में

शोले फ़िल्म के पचास साल पूरे हुए। ‘शोले’ फ़िल्म की स्मृति सबकी अपनी-अपनी है। लेकिन जेन ज़ी इस फ़िल्म को…

प्रेमचंद, किसानी जीवन और ‘गोदान’

प्रेमचंद के उपन्यास ‘गोदान’ में गाँव और किसान का जीवन कितनी प्रामाणिकता से चित्रित हुआ है, किस तरह आज किसानों…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी