क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता एशेज़ सीरिज़ को माना जाता है, यानी इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच का टेस्ट सीरिज़। दो दिन पहले एशेज़ की शुरुआत हुई और टेस्ट मैच दो ही दिन में ख़त्म हो गया। एशेज़ शृंखला के रोमांच पर पढ़िए युवा लेखक अविनाश कुमार राय का यह लेख। अविनाश कुमार राय बीएचयू में प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व के शोधार्थी हैं- मॉडरेटर
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ऑपरेशन सिंदूर का समय था, भारत के आर्म्ड फोर्सेस की तरफ से शाम में रोज प्रेस कांफ्रेंस हो रही थी। इसी प्रेस कांफ्रेंस के क्रम में एक दिन मीडिया से मुखातिब होने एयर फोर्स के बी आर घई आये। उन्होंने युद्ध की बातचीत के बीच एक क्रिकेट के फ्रेज बोला फ्रेज कुछ यूं था- “If Lillee doesn’t get you, Thomson must.” यही नहीं वह भी करोड़ों भारतीयों की तरह विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट के संन्यास से फैसले दुखी थे। इसके बाद इसकी इतनी रील आई कि लोगों के जबां जबां पर यही फ्रेज रहता। लोग भले ही इससे अनभिज्ञ हो कि यह फ्रेज क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी एशेज से निकली है। एशेज चल रहा है तो एक नज़र एशेज के ऐसे ही दिलचस्प किस्सों को याद करने का है।
बीते कुछ महीनों की बात है, भारतीय टीम रोहित कोहली के संन्यास के बाद इंग्लैंड के दौरे पर पांच टेस्ट मैच खेलने पहुंची थी। इस सीरीज से पहले शुभमन गिल को भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया। जो भारत के सबसे यंग कप्तान है। ऐसे में उनके लिए इंग्लैंड में जाकर इंग्लैंड को हराना एक चुनौती थी। वह भी तब जब टीम के सबसे दो अनुभवी खिलाड़ी इस दौरे से पहले संन्यास की घोषणा कर चुके हैं। लेकिन टीम के कोच ने प्रेस कांफ्रेंस में ही इस सवाल का जवाब भी दे दिया था We are not a young team,we are gun team. इस गन टीम ने इंग्लैंड के दौरे पर बेहतरीन टेंपरामेंट दिखाया और सीरीज 2-2 से बराबर रही।
लेकिन सीरीज के दो मैच काफी अहम असुर रोमांचक रहे जिसमें लार्ड्स में इंग्लैंड को जीत मिली जबकि ओवल में भारत को जीत मिली।पर जिस तरह से सिराज लार्ड्स में आउट हुए और हताश पिच पर बैठे थे। वैसा ही दृश्य 2005 के एशेज में घटित हुआ था।बर्मिंघम में एशेज के दूसरे मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 407 रन बनाए। जिसके जवाब में आस्ट्रेलिया ने 308 रन बनाया। वहीं इंग्लैंड की दूसरी पारी 182 रन पर ही सिमट गई। आस्ट्रेलिया को 282 रन का लक्ष्य मिला।लेकिन ऑस्ट्रेलिया और जीत के बीच एंड्रयू फ्लिंटॉफ खड़े थे। जब आस्ट्रेलिया को 3 रन की दरकार थी।उसी समय फ्लिंटॉफ की एक तेज बाउंसर पर Michael Kasprowicz के बैट का किनारा ले विकेटकीपर के दस्तानों में चली गई। Michael kasprowicz हताश बल्ले संग पिच पर बैठे गए।
2009 के विजडन में छपे लेख में इस सीरीज को The Perfect strom कहा गया। इस सीरीज में जहां इंग्लैंड की टीम अपने शिखर पर थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया अपने महानतम खिलाड़ियों से भरी थी। जिसमें गिलक्रिस्ट,हेडन,पोंटिंग,मैकग्रा,जेसन गिलस्पी,शेन वॉर्न आदि थे।
साल 2019 के एशेज में भी आख़िरी विकेट वाला लम्हा आया।लीड्स के हेडिंग्ली में सीरीज का तीसरा मैच था।आस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 179 रन बनाया।इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 67 रन पर आल आउट हो गई।आस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 246 रन बनाए।इंग्लैंड को दूसरी पारी में 362 का लक्ष्य मिला।इंग्लैंड लक्ष्य का पीछा करते हुए 286 रन पर नौ विकेट गिर गए थे।कमेंटेटर कमेंट्री कर रहे थे australia closing on victory here at headingley. आखरी विकेट के रूप में
इंग्लैंड के स्पिनर लीच बैटिंग करने आए।एक छोर पर स्टोक्स खड़े थे।उन्होंने अपने चमत्कारी प्रदर्शन से आस्ट्रेलिया को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया।जिसमें उनके भाग्य ने भी साथ दिया और ऑस्ट्रेलिया के पास DRS के न होने ने भी।लीच और स्टोक्स ने 76 रन की साझेदारी कर इंग्लैंड को सबसे बड़े रन चेस में विजयी बना दिया था।जिसमें लीच ने सिर्फ 1रन जोड़ा था जबकि स्टॉक्सन ने 135 रन की नाबाद पारी खेली थी।अब कमेंटेटर कह रहे थे Stokes is the hero of the land.
इसमें अम्पायरिंग कर रहे जॉय विल्सन को भी लोग याद करते है।
लीड्स के हेडिंग्ली मैदान पर स्टोक्स की इस पारी ने साल 1981 के एशेज में खेली गई इयान बॉथम की पारी की यादें ताजा कर दी। एशेज का तीसरा मैच था। ऑस्टेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जान डायसन के शतक की मदद से 401 रन का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम इयान बॉथम के अर्धशतक की मदद से 174 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड को फॉलोऑन मिला। इस बार बैटिंग करते हुए इयान बॉथम ने नाबाद149 रन की पारी खेली। इंग्लैंड ने इयान के इस शतक की मदद से 356 रन का स्कोर खड़ा किया। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए आस्ट्रेलिया 111 रन पर आल आउट हो गई। इंग्लैंड ने 18 रन से ये मुकाबला जीत लिया था। विजडन मैगजीन में इस टेस्ट मैच को The Test Match of the Century कहा गया।
साल 1948 में हेडिंग्ली के मैदान पर ही सर डान ब्रैडमैन ने एक बेहतरीन पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को जीत की दिलाई थी। इस मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए496 रन का स्कोर खड़ा किया। जिसके जवाब में आस्ट्रेलिया ने 458 पर सिमट गई। दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 365 रन बनाए। आस्ट्रेलिया को 404 रन का लक्ष्य मिला। जिसे ऑस्ट्रेलिया ने सर डान ब्रैडमैन के 173 नाबाद पारी से हासिल कर लिया। ब्रैडमैन का यही वह दौरा था जिसके किस्से हम आज तक सुनते है। यदि ब्रैडमैन इस सीरीज के आखिरी मैच में 4 रन बना लेते तो उनका औसत(average) 100 का हो जाता। लेकिन आखिरी पारी में वो शून्य पर आउट हो गए थे।
आखिर में हम Br घई के उस फ्रेज वाले मैच के किस्से से इसे खत्म करना चाहेंगे। साल 1970 में जहां Boycott apartheid की मुहिम चल रही थी। उसी के बाद 1970 1980 के दशक तक लिली और थॉमसन का दबदबा रहा। साल 1974 1975 में आस्ट्रेलिया से निकलने वाले अख़बार सिडनी डेली टेलीग्राफ में एक कार्टून के साथ Ashes to ashes, dust to dust, If Thomson don’t get ya, Lillee must निकला था। विजडन में इस सीरीज के चौथे मैच में लिली और थॉमसन ने कैसे इंग्लैंड के बल्लेबाजों को धराशायी कर दिया उसका दिलचस्प विवरण है। साथ ही साथ अंपायर को लेकर उन पर प्रश्न चिह्न भी है। पर इन सबके बीच हर एशेज सीरीज रोमांचक होती है। जिसे देखने का अपना अलग आनंद है। वहीं इस बार के एशेज में सबकी निगाहें जो रूट पर रहेंगी जो आस्ट्रेलिया में शतक नहीं लगा पाए। और यदि वह लंबी पारी खेलते है तो सचिन के रिकॉर्ड से कितना दूर है। इस शतक और रिकॉर्ड से परे नजरें स्मिथ के बल्लेबाजी पर भी होगी। पर्थ की बाउंसी पिच से एशेज देखा जाए….

