यह किसी भी रचना की महत्ता होती है कि वह पाठक को कितने समय तक और किस तरह से अपने…
Category: समीक्षा
एक रोमन सम्राट जो दार्शनिक के रूप में याद किया जाता है!
मार्कस ऑरेलियस की प्रसिद्ध किताब मेडिटेशंस का हिन्दी अनुवाद आया है पेंगुइन स्वदेश से। पहली शताब्दी में वे रोम के…
संभावनाओं के बीज बाँटता कवि – लाल्टू
वरिष्ठ कवि लाल्टू के कविता संग्रह ‘दिन भर क्या किया’ पर यह टिप्पणी लिखी है प्रवीण प्रणव ने। प्रवीण माइक्रोसॉफ़्ट…
शापित है स्वर्णः प्रयोगों के धरातल पर लिखा गया पहला मानवशास्त्रीय हिंदी उपन्यास
वीरेंद्र प्रताप यादव के उपन्यास ‘नीला कॉर्नफ्लावर’ की समीक्षा लिखी है डॉ. अपर्णा दीक्षित ने। आधार प्रकाशन से प्रकाशित इस…
बदलते हिंदुस्तान के ज़मीनी यथार्थ का चेहरा: कर्फ़्यू की रात
आज पढ़िए युवा लेखक शहादत के कहानी संग्रह ‘कर्फ़्यू की रात’ की समीक्षा। लिखा है वैभव शर्मा ने। संग्रह का…
गुलज़ार को संपूर्णता में सामने लाने वाली किताब
यतीन्द्र मिश्र की किताब ‘गुलज़ार सा’ब: हज़ार राहें मुड़ के देखीं’ पर यह टिप्पणी लिखी है कवि-लेखक यतीश कुमार ने।…
‘ईश्वर और बाज़ार’ पर अपूर्वा बनर्जी की टिप्पणी
आज पढ़िए कवयित्री जसिंता केरकेट्टा के कविता संग्रह ‘ईश्वर और बाज़ार’ पर अपूर्वा बनर्जी की टिप्पणी। यह संग्रह राजकमल प्रकाशन…
मलिक काफ़ूर और ‘अग्निकाल’
सल्तनतकालीन किरदार मलिक काफ़ूर पर युगल जोशी का उपन्यास आया है ‘अग्निकाल’। पेंगुइन से प्रकाशित इस उपन्यास की समीक्षा लिखी…
मृत्युंजय कुमार सिंह के खंड काव्य ‘द्रौपदी’ की समीक्षा
आज प्रस्तुत है वरिष्ठ कवि मृत्युंजय कुमार सिंह के खंड काव्य ‘द्रौपदी’ की डॉ. सुनील कुमार शर्मा द्वारा समीक्षा। ========================================= सद्य प्रकाशित…
‘बोरसी भर आँच’ की उष्मा
आज पढ़िए यतीश कुमार की मार्मिक संस्मरण पुस्तक ‘बोरसी भर आँच’ की यह समीक्षा जिसे लिखा है कवि-तकनीकविद सुनील कुमार…



