हाल में ही युवा कवि-लेखक श्रीधर करुणानिधि का कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘दिन की परछाँई धुंधली है’। सेतु प्रकाशन…
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आलोचना और बेबाकपन का रिश्ता
वेंकटेश कुमार की किताब ‘आलोचना के विविध रंग’ पर यह टिप्पणी पढ़िए। लिखा है अनुरंजनी ने। अनुरंजनी दक्षिण बिहार केन्द्रीय…
*अंधकार में मोमबत्तियों की तरह होना*
हाल में रज़ा फ़ाउंडेशन द्वारा अंतरराष्ट्रीय कविता का आयोजन किया गया है। ‘संसार’ शीर्षक से आयोजित इस आयोजन की संक्षिप्त…
हिन्दी की छात्रा होने के नाते मुझे शर्मिंदगी है
आज सुबह यह खबर आई कि हिन्दी की प्रसिद्ध विद्वान फ्रांचेस्का ऑर्सिनी को वैध वीज़ा होने के बावजूद दिल्ली हवाई…
स्त्री-जीवन के विभिन्न आयाम: अमृता प्रीतम की कहानियाँ
राजपाल एंड संज प्रकाशन से प्रकाशित ‘मेरी प्रिय कहानियाँ’ सीरिज़ के अंतर्गत प्रकाशित अमृता प्रीतम की कहानियों पर युवा लेखिका…



