धर्मेन्द्र: भारतीय सिनेमा का वह सूरज जो अब भी चमकता है

धर्मेंद्र के निधन से ऐसा लग रहा है जैसे हिन्दी सिनेमा के एक बड़े युग का अंत हो गया। प्रसिद्ध…

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल के साठ साल

आज प्रसिद्ध संस्कृतकर्मी वाणी त्रिपाठी टिक्कू ने  राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के रंगमंडल के साठ साल के गौरवपूर्ण इतिहास पर लिखा…

होमबाउंड: साथ… पर अलग

नीरज घेवान की फ़िल्म ‘होमबाउंड’ को इस बार भारत की तरफ़ से ऑस्कर के लिए भेजा गया है। फ़िल्म की…

जुगनुमा : रूपक और अग्नि की राजनीति

आज पढ़िए फ़िल्म जुगनुमा पर जानी-मानी संस्कृतिकर्मी वाणी त्रिपाठी टिक्कू की यह सारगर्भित टिप्पणी- मॉडरेटर ============================= राम रेड्डी की नई…

इंस्पेक्टर झेंडे: खाकी की खामोश जीत

हाल में ही नेटफ़्लिक्स पर फ़िल्म आई है ‘इंस्पेक्टर झेंडे’। इस पर यह सुविचारित टिप्पणी लिखी है वाणी त्रिपाठी टिक्कू…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी