आज पढ़िए प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे का लिखा काशी के चौकीदारों का क़िस्सा। काशी सनातन नगरी है और उसके क़िस्से…
सविता सिंह और सिल्विया प्लाथ की कविता में अस्तित्व का जादुई यथार्थ
प्रसिद्ध कवयित्री सविता सिंह की एक कविता ‘सपने और तितलियाँ’ पर यह विश्लेषणात्मक टिप्पणी लिखी है हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व…
ज्योति की कविताएँ
आज पढ़िए ज्योति की कविताएँ। ज्योति शोधार्थी हैं और कविताएँ लिखती हैं। उनकी कविताओं के केंद्र में स्त्री जीवन के…
यांग शुआंग-ज़ी और इंटरनेशनल बुकर प्राइज़
इस साल इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ 2026 ताइवानी लेखक यांग शुआंग-ज़ी के उपन्यास ताइवान ट्रैवलॉग को मिला है। मंदारिन भाषा में लिखा…
फ़िल्मकार अरण्य सहाय से आशुतोष कुमार ठाकुर की बातचीत
अरण्य सहाय फिल्मकारों की उस नई पीढ़ी से आते हैं, जो आज की ज़िंदगी को चलाने वाली उन अदृश्य व्यवस्थाओं…
ज़ालिम को जो न रोके वो शामिल है ज़ुल्म में
‘एक और द्रोणाचार्य’ (1977) शंकर शेष के इस नाटक की अंजलि नैलवाल ने बेहतरीन समीक्षा लिखी है। वे कुमाऊँ विश्वविद्यालय,…
लोकतंत्र, भाषा और डेमोगॉगस
दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधार्थी लक्की कुमार मिश्रा लोकतंत्र, भाषा, व्यवहार को लेकर एक बहुत ज्ञानवर्धक लेख लिखा है। पढ़ना चाहिए-…
रवीन्द्र रुक्मिणी पंढरीनाथ की कविताएँ
आज रवीन्द्र रुक्मिणी पंढरीनाथ की कुछ कविताएँ प्रस्तुत हैं। इन कविताओं का मराठी से हिन्दी अनुवाद उन्होंने स्वयं किया है…
नीतू गुजराल की पाँच कविताएँ
आज पढ़िए नीतू गुजराल की कविताएँ। नीतू गुजराल सोशल मीडिया के अलग अलग मंचों पर प्रकाशित हो चुकी हैं, कविताओं…
उदयन वाजपेयी की कहानी ‘दरवाज़ा’
पिछले दिनों वरिष्ठ लेखक उदयन वाजपेयी की कहानी ‘कथादेश’ में पढ़ी थी। एक वृद्ध लेखक को केंद्र में रखकर लिखी…



