संजू शब्दिता की शायरी पर शारिक़ कैफ़ी

पिछले क़रीब एक दशक में सोशल मीडिया के माध्यम से जिन शायरों को जाना-सराहा उनमें संजू शब्दिता का नाम मेरे…

कोरियाई ड्रामा और सिनेमा: चमक के पीछे का अंधेरा

कोरियन भाषा संस्कृति की विशेषज्ञ कुमारी रोहिणी ने कुछ समय पहले ‘द वायर’ पर कोरियन संस्कृति के उभार के ऊपर…

यतीन्द्र मिश्र की किताब ‘नैनन में आन-बान’ पर

भारतीय संगीत परंपरा पर यतीन्द्र मिश्र की किताब आई है ‘नैनन में आन-बान’, जिसके ऊपर मेरी यह टिप्पणी पढ़िए- प्रभात…

राजेश कमल की बारह कविताएँ

आज पढ़िए राजेश कमल की कविताएँ। राजेश कमल बहुत संकोची कवि हैं लेकिन उनकी कविता मुखर हैं। सघन संवेदनाओं के…

दु:स्वप्नों के दिलचस्प और मानीखेज़ किस्से : उदय प्रकाश

इस साल पुस्तक मेले में अनेक किताबें आईं, लेकिन एक किताब मेरे लिये ख़ास है- संजय छेल का कहानी संग्रह…

अशअर नज्मी की कहानी ‘लाशों का रफ़ूगर’

अशअर नज्मी उर्दू के सुपरिचित लेखक हैं। 2021 में प्रकाशित उनके उपन्यास उसने कहा था को उर्दू का पहला पोस्ट्माडर्न…

बाल-कथा ‘धूप का आयत’

बच्चों में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने का एक बेहतरीन जरिया कथाएँ हैं जिसमें निरंतर यह जिज्ञासा बनी रहती…

नामवर जी की आलोचना पर शीत-युद्ध का प्रभाव रहा- प्रो० रामेश्वर राय

नामवर सिंह की जन्मशताब्दी पर हिंदू कॉलेज में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस रपट लिखी है शोध छात्र…

मौलाना की पारंपरिक छवि ध्वस्त करता ‘रूमी: एक आईना-सी ज़िंदगी’

बांग्ला भाषा के प्रसिद्ध लेखक रबिशंकर बल के उपन्यास का हिन्दी अनुवाद आया है-‘रूमी: एक आईना-सी ज़िंदगी’। अमृता बेरा द्वारा…

‘त्रिमाया’ की माया

मनीषा कुलश्रेष्ठ के उपन्यास ‘त्रिमाया’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक अविनाश कुमार ने। अविनाश कुमार उड़ीसा कैडर के…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी