नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय। विश्वविद्यालय के सर शंकर लाल हॉल में ‘हिंदी माध्यम कार्यान्वयन निदेशालय’ “अभिप्रेरणा” कार्यक्रम का भव्य आयोजन…
Author: prabhat
प्रज्ञा विश्नोई की कहानी ‘पागलखाने से कुछ नोट्स’
समकालीन कथाकारों में प्रज्ञा विश्नोई की कहानियों का स्वर सबसे अलग है। लंबे समय बाद उनकी कहानी आई है। आप…
अज़ीमाबाद में हम मुन्तज़िर सावन के बैठे हैं!
आज पढ़िए यह गद्य अभिषेक कुमार अंबर का लिखा हुआ। अभिषेक पिछले महीने आज ही के दिन पटना गये थे।…
‘क़यास’ को अनुवाद में पढ़ते हुए
कुछ महीने पहले प्रसिद्ध कवि-लेखक-चिंतक उदयन वाजपेयी के उपन्यास ‘क़यास’ का अंग्रेज़ी अनुवाद प्रकाशित हुआ है। ब्लूम्सबेरी से इसका अंग्रेज़ी…
प्रिंस कुमार की कविताएँ
मानव सभ्यता के विकास ने मानव जीवन को ही कितना चुनौतीपूर्ण बना दिया है इसकी सटीक अभिव्यक्ति प्रिंस कुमार की…
अंचित को पढ़ते हुए : मोह, विरक्ति और बेबसी
इस साल पटना पुस्तक मेले में युवा कवि अंचित के कविता संग्रह ‘आधी पंक्ति’ का लोकार्पण हुआ। निस्संदेह अंचित की…
‘शोर’ फ़िल्म का गीत ‘इक प्यार का नग़मा है’
युवा रंगकर्मी, अभिनेता नवल किशोर व्यास फ़िल्मों पर, ख़ासकर फ़िल्मी गीतों पर बहुत अच्छा लिखते हैं। आज उन्होंने मनोज कुमार…
विनोद कुमार शुक्ल के जीवन और लेखन में अंतर लगभग मिट गया था- अशोक वाजपेयी
नये साल की शुरुआत महान कवि-उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल की श्रद्धांजलि सभा से हुई। दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में…
सुजाता के उपन्यास ‘दरयागंज वाया बाज़ार फ़त्ते ख़ाँ’ से एक अंश
आज पढ़िए जानी मानी लेखिका सुजाता के उपन्यास ‘दरयागंज वाया बाज़ार फत्ते खाँ’ का एक रोचक अंश। राजकमल से…
आईनासाज़: संवादधर्मिता और सूफ़ीवाद का आख्यान
प्रसिद्ध लेखिका अनामिका के उपन्यास ‘आईनासाज़’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक महेश कुमार ने। अनामिका के उपन्यासों में…



