प्रसिद्ध लेखिका अनामिका के उपन्यास ‘आईनासाज़’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक महेश कुमार ने। अनामिका के उपन्यासों में…
Author: prabhat
श्रीलाल शुक्ल के उपन्यास: अधूरे होने की व्यथा
आज हिन्दी के मूर्धन्य लेखक श्रीलाल शुक्ल की जन्म-शताब्दी है। इस अवसर पर यह लेख पढ़िए। लिखा है अंग्रेज़ी के…
संतोष सिंह की कुछ कविताएँ
इण्डियन एक्सप्रेस के वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह बिहार पर लिखी अपनी किताबों ‘Ruled or Misruled’, ‘JP to BJP’, ‘The Jannayak…
‘निमित्त नहीं’ पर वागीश शुक्ल
प्रसिद्ध कवयित्री सुमन केशरी ने महाभारत की स्त्रियों को लेकर कविताएँ लिखीं, जो ‘निमित्त नहीं’ नाम से संग्रह के रूप…
कोरियाई उपन्यास ‘इन ऑर्डर टू लिव’ पर एक टिप्पणी
कोरियाई भाषा के चर्चित उपन्यास ‘In Order to Live: A North Korean Girl’s Journey to Freedom‘ पर यह टिप्पणी लिखी…
भूपेन्द्र बिष्ट की कविताएँ
आज प्रस्तुत है भूपेन्द्र बिष्ट की कविताएँ जिनमें से कुछ पहाड़ पर बसे व्यक्तियों के संघर्ष की अभिव्यक्ति है तो…
‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ की एक आरंभिक समीक्षा
विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ की यह समीक्षा उपन्यास की आरंभिक समीक्षाओं में है…
इस प्रकार की बहस हो तो माहौल ज़रूर बदलेगा और लोगों का नज़रिया भी!
‘लल्लनटॉप’ पर ‘does god exist’ वाली बहस पर बहुत प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। आज पढ़िए युवा वर्ग की प्रतिक्रिया, लिखा…
फ़ालतू तो दूर मुझ में तो बेफ़ालतू भी अक़्ल नहीं!
पुलिस अफ़सर शायर सुहैब अहमद फ़ारूक़ी ने लल्लनटॉप पर ईश्वर को लेकर चली बहस की पृष्ठभूमि में यह टीप लिखी…
हृषीकेश सुलभ के उपन्यास ‘जूठी गली’ का एक अंश
हिन्दी के वरिष्ठ कथाकार, उपन्यासकार, नाटककार हृषीकेश सुलभ का नया उपन्यास आया है ‘जूठी गली’। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस…



