मानव सभ्यता के विकास ने मानव जीवन को ही कितना चुनौतीपूर्ण बना दिया है इसकी सटीक अभिव्यक्ति प्रिंस कुमार की…
Author: prabhat
अंचित को पढ़ते हुए : मोह, विरक्ति और बेबसी
इस साल पटना पुस्तक मेले में युवा कवि अंचित के कविता संग्रह ‘आधी पंक्ति’ का लोकार्पण हुआ। निस्संदेह अंचित की…
‘शोर’ फ़िल्म का गीत ‘इक प्यार का नग़मा है’
युवा रंगकर्मी, अभिनेता नवल किशोर व्यास फ़िल्मों पर, ख़ासकर फ़िल्मी गीतों पर बहुत अच्छा लिखते हैं। आज उन्होंने मनोज कुमार…
विनोद कुमार शुक्ल के जीवन और लेखन में अंतर लगभग मिट गया था- अशोक वाजपेयी
नये साल की शुरुआत महान कवि-उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल की श्रद्धांजलि सभा से हुई। दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में…
सुजाता के उपन्यास ‘दरयागंज वाया बाज़ार फ़त्ते ख़ाँ’ से एक अंश
आज पढ़िए जानी मानी लेखिका सुजाता के उपन्यास ‘दरयागंज वाया बाज़ार फत्ते खाँ’ का एक रोचक अंश। राजकमल से…
आईनासाज़: संवादधर्मिता और सूफ़ीवाद का आख्यान
प्रसिद्ध लेखिका अनामिका के उपन्यास ‘आईनासाज़’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक महेश कुमार ने। अनामिका के उपन्यासों में…
श्रीलाल शुक्ल के उपन्यास: अधूरे होने की व्यथा
आज हिन्दी के मूर्धन्य लेखक श्रीलाल शुक्ल की जन्म-शताब्दी है। इस अवसर पर यह लेख पढ़िए। लिखा है अंग्रेज़ी के…
संतोष सिंह की कुछ कविताएँ
इण्डियन एक्सप्रेस के वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह बिहार पर लिखी अपनी किताबों ‘Ruled or Misruled’, ‘JP to BJP’, ‘The Jannayak…
‘निमित्त नहीं’ पर वागीश शुक्ल
प्रसिद्ध कवयित्री सुमन केशरी ने महाभारत की स्त्रियों को लेकर कविताएँ लिखीं, जो ‘निमित्त नहीं’ नाम से संग्रह के रूप…
कोरियाई उपन्यास ‘इन ऑर्डर टू लिव’ पर एक टिप्पणी
कोरियाई भाषा के चर्चित उपन्यास ‘In Order to Live: A North Korean Girl’s Journey to Freedom‘ पर यह टिप्पणी लिखी…



