अमीर ख़ुसरो: इतिहासकार के रूप में

लगभग पाँच दशक के बाद डॉ मलिक मोहम्मद द्वारा संपादित पुस्तक ‘अमीर ख़ुसरो: भावनात्मक एकता के अग्रदूत’ पुस्तक का प्रकाशन…

शंकरानंद की कविताएँ

आज शंकरानंद की कुछ कविताएँ प्रस्तुत हैं – ============================================================== १.भागने वाले लोग दुनिया में सबसे ज्यादा खतरा ऐसे ही लोगों…

आलोचना की विश्वसनीयता हमारे समय की एक बड़ी चुनौती है

आज पढ़िए गरिमा श्रीवास्तव से संजय श्रीवास्तव की बातचीत। गरिमा श्रीवास्तव जानी-मानी आलोचक, लेखक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर…

विष्णु खरे का सर्टिफिकेट

आज विद्वान कवि विष्णु खरे को याद करने का दिन है। उनको अपनी ही शैली में गल्पमिश्रित स्मरण लेख में…

संभावनाओं के बीज बाँटता कवि – लाल्टू

वरिष्ठ कवि लाल्टू के कविता संग्रह ‘दिन भर क्या किया’ पर यह टिप्पणी लिखी है प्रवीण प्रणव ने। प्रवीण माइक्रोसॉफ़्ट…

वार्षिक इंडिया हैबिटेट सेंटर थिएटर फेस्टिवल

रंगमंच प्रेमियों द्वारा बेसब्री से इंतजार किए जा रहे वार्षिक इंडिया हैबिटेट सेंटर थिएटर फेस्टिवल देश भर से अद्भुत प्रस्तुतियों के…

शापित है स्वर्णः प्रयोगों के धरातल पर लिखा गया पहला मानवशास्त्रीय हिंदी उपन्यास

वीरेंद्र प्रताप यादव के उपन्यास ‘नीला कॉर्नफ्लावर’ की समीक्षा लिखी है डॉ. अपर्णा दीक्षित ने। आधार प्रकाशन से प्रकाशित इस…

प्रचण्ड प्रवीर की कहानी ‘एक था बुल और एक थी बुलबुल’

आज पढ़िए युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर की कहानी। प्रचण्ड अपने प्रयोगों के लिये जाने जाते हैं और अक्सर विधाओं में…

हरे प्रकाश उपाध्याय की नई कविताएँ

‘खिलाड़ी दोस्त’ के कवि हरे प्रकाश उपाध्याय आजकल कविताओं की नई शैली में लौटे हैं। पढ़िए उनकी कुछ नई कविताएँ-…

जिसे मिला तो सब कुछ मगर देर से

मुक्तिबोध के निधन और उनके अंतिम संस्कार पर यह दुर्लभ रपट लिखी है मनोहर श्याम जोशी ने, जो शायद ‘दिनमान’…

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