1970 के दशक में मनोहर श्याम जोशी ने कमलेश्वर के संपादन में निकलने वाली पत्रिका ‘सारिका’ में दिल्ली के लेखकों…
Category: स्मरण
शशिभूषण को याद करते हुए
वह एक ऐसी सतह पर था जिसके ऊपर उठना ही नहीं चाहता था मित्र लेखक शशिभूषण द्विवेदी के निधन के…
रवीन्द्र सङ्गीत : प्रवेश
आज रवींद्रनाथ ठाकुर(टैगोर) की जयंती है। हिन्दी में रवींद्र संगीत की चर्चा कम होती है। रवींद्र संगीत पर यह आलेख…
रवीन्द्रनाथ की संगीत प्रतिभा अद्वितीय थी
आज रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती है. सम्पूर्ण कलाकार का जीवन लेकर आये उस महान व्यक्तित्व के संगीतकार पक्ष पर हिंदी…
इतनी लंबी यात्रा पर जाने से पहले तुम अपना पता भी नहीं दे गए!
आज हिंदी कहानियों को नया मोड़ देने वाले निर्मल वर्मा की पुण्यतिथि है. प्रस्तुत है उनके मरणोपरांत प्रकाशित पुस्तक ‘प्रिय…
‘मार्क्स के संस्मरण’ किताब से एक अंश
पॉल लाफार्ज और विल्हेम लीबनेख्त द्वारा लिखे गए ‘मार्क्स के संस्मरण‘ के हिंदी अनुवाद से वहीं परिचय हुआ. पॉल लाफार्ज…
रवीन्द्रनाथ के मिथिला से आत्मीय सम्बंध थे- बुद्धिनाथ मिश्र
आज रवीन्द्र जयंती है. उनके जीवन-लेखन से जुड़े अनेक पहलुओं की चर्चा होती है, उनपर शोध होते रहे हैं. एक…
नामवर सिंह पर कमलेश्वर का लेख
आज मूर्धन्य आलोचक नामवर सिंह की जयंती है. आज भी हिंदी की सबसे बड़ी पहचान नामवर सिंह ही हैं. यह…
स्वदेश दीपक होना और होकर खो जाना
स्वदेश दीपक पिछले आठ साल से लापता हैं. अभी कुछ लोगों ने फेसबुक पर उनको ढूंढने की मुहिम चलाई है जिसका…
‘कसप’ मैंने घोर निराशा और मोहभंग की मनःस्थिति में लिखा: मनोहर श्याम जोशी
आज हिंदी के मूर्धन्य लेखक मनोहर श्याम जोशी जीवित होते तो ७८ साल के हुए होते. आज उनके जन्मदिन पर…



