प्रभात रंजन की कविताएँ

  ये मेरी कविताएँ नहीं हैं, बल्कि ६०-७० के दशक के प्रसिद्ध कवि प्रभात रंजन की कविताएँ हैं. मेरे जन्म…

क्या है ‘फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे’ ?

प्रकाशन के साल भर के भीतर जिसकी तीन करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिक गई, तकरीबन चालीस देशों में जिसके प्रकाशन-अधिकार…

अपनी हिंदी में बेस्टसेलर की तलाश

 हिंदी में ‘बेस्टसेलर’ की चर्चा एक बार फिर शुरु हो गई है. एक ज़माना था जब पत्रिकाओं में निराला की…

नीम करौली बाबा और स्टीव जॉब्स

वाल्टर इसाकसन द्वारा लिखी गई स्टीव जॉब्स की जीवनी का एक सम्पादित अंश. अनुवाद एवं प्रस्तुति- प्रभात रंजन  ===========================  …

जो ‘कूल’ होते हैं वे हिंदी के नॉवेल नहीं पढ़ते

चेतन भगत इस समय भारत में अंग्रेजी के निस्संदेह सबसे ‘लोकप्रिय’ लेखक हैं. सबसे बिकाऊ भी. जो बोल देते हैं…

मनोहर श्याम जोशी की परम्परा और उनका विद्रोह

मनोहर श्याम जोशी के जन्मदिन पर प्रस्तुत है यह साक्षात्कार जो सन २००४  में आकाशवाणी के अभिलेखगार के लिए की गई उनकी…

एक पुरानी कहानी ‘फ़्रांसिसी रेड वाइन’

मेरी एक पुरानी कहानी- प्रभात रंजन  =========================   चंद्रचूड़जी की दशा मिथिला के उस गरीब ब्राह्मण की तरह हो गई…

मनोहर श्याम जोशी से एक पुरानी बातचीत

  सन 2004 में आकाशवाणी के अभिलेखगार के लिए मैंने मनोहर श्याम जोशी जी का दो घंटे लंबा इंटरव्यू लिया…

जे.एम. कोएत्जी का उपन्यास ‘समरटाइम’ और लेखक का जीवन

2009 में जे. एम. कोएत्जी के उपन्यास ‘समरटाइम’ पर लिखा था. लेखक के जीवन की निस्सारता को लेकर एक अच्छा…

‘लाइटर’ जो मेरी कहानी है! (जानकी पुल की पहली पोस्ट)

जानकी पुल की  यह  पहली पोस्ट है. मेरी अपनी कहानी, जो ‘नया ज्ञानोदय’ में प्रकाशित हुई थी- प्रभात रंजन लाइटर…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी