मारियो वार्गास ल्योसा के उपन्यास \’बैड गर्ल\’ का एक अंश

मारियो वर्गास ल्योसा के उपन्यास ‘बैड गर्ल’ का एक सम्पादित अंश का अनुवाद.. २००७ में प्रकाशित यह उपन्यास नोबेल पुरस्कार…

समुद्र में जाकर क्या हो जाता है वह?

यह कवि आरसी प्रसाद सिंह की जन्मशताब्दी का भी साल है. इस अवसर पर उनकी कुछ मैथिली कविताओं का हिंदी…

‘कामसूत्र’ सिर्फ सेक्स की किताब नहीं है

संस्कृत के जाने-माने विद्वान राधावल्लभ त्रिपाठी के संपादन में वात्स्यायन के ‘कामसूत्र’का नया संस्करण वाणी प्रकाशन से प्रकाशित हो रहा…

एकदम खाली है राहुल गांधी की बंडी की जेब

   युवा-कवि उमाशंकर चौधरी की कविताओं का एक अपना राजनीतिक मुहावरा है, जो उन्हें समकालीन कवियों में सबसे अलगाता है.…

फिराक गोरखपुरी की एक दुर्लभ कहानी \’दही का बर्तन\’

  आज उर्दू के मशहूर शायर फिराक गोरखपुरी का जन्मदिन है.  उनके गज़लों, नज्मों, कतओं से तो हम सब बखूबी परिचित रहे…

हिन्दी कविता के दो दशक– चेहरे, मुखौटे और चश्मे

  समकालीन कविता क्या अपने समय-समाज का रूपक है? क्या समकालीन कवि आधुनिक हिंदी कविता की छायाओं से मुक्त हो…

पर्वत पर्वत धारा फूटे लोहा मोम सा गले रे साथी

गोरख पांडे क्रांति के कवि थे. आज जनांदोलन के इस दौर में उनकी कुछ कविताएँ ध्यान आईं. आप भी पढ़िए-…

‘कसप’ मैंने घोर निराशा और मोहभंग की मनःस्थिति में लिखा: मनोहर श्याम जोशी

आज हिंदी के मूर्धन्य लेखक मनोहर श्याम जोशी जीवित होते तो ७८ साल के हुए होते. आज उनके जन्मदिन पर…

‘कसप’ मैंने घोर निराशा और मोहभंग की मनःस्थिति में लिखा: मनोहर श्याम जोशी

आज हिंदी के मूर्धन्य लेखक मनोहर श्याम जोशी जीवित होते तो ७८ साल के हुए होते. आज उनके जन्मदिन पर…

\’उसने कहा था\’: पन्ने से परदे तक

दिलनवाज़ आज बिमल रॉय की फिल्म \’उसने कहा था\’ के बारे में बता रहे हैं. चंद्रधर शर्मा गुलेरी की अमर…

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