प्रत्यक्षा के उपन्यास ‘शीशाघर’ का एक रोचक अंश

समकालीन लेखकों में प्रत्यक्षा का स्वर सबसे विशिष्ट है। अपनी भाषा, शैली और ऐस्थेटिक सबमें अलहदा। अभी हाल में ही…

शैलेंद्र: एक किताब के बहाने याद

पिछले साल आवाज़ की दुनिया के जाने-माने नाम यूनुस ख़ान की किताब आई थी ‘उम्मीदों के गीतकार शैलेंद्र’। राजकमल से…

हिंदी-मैथिली के सबसे विलक्षण कवि-कथाकार राजकमल चौधरी की कहानी ‘दमयंतीहरण’

आज हिंदी-मैथिली के सबसे विलक्षण कवि-कथाकार राजकमल चौधरी की जयंती है। इस मौक़े पर हम आपके लिए लेकर आए हैं…

राकेश बिहारी की कहानी ‘कहानी से पेश्तर’

राकेश बिहारी की पहचान कथा-आलोचक संपादक के रूप में है। लेकिन वे मूलतः कथाकार हैं और अच्छे कथाकार हैं। उनकी…

प्रचण्ड प्रवीर का ‘अपना देश’

किताब की दुनिया में पंद्रह करोड़ की हलचल है। ऐसे में प्रचण्ड प्रवीर ने यह लिखा है। आप भी पढ़िए-…

सेतु प्रकाशन वार्षिकोत्सव: साहित्य,समाज, लोकधर्म पर बहुआयामी संवाद

6 दिसम्बर, 2025 को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में सेतु प्रकाशन के वार्षिकोत्सव का आयोजन हुआ। उसकी विस्तृत रपट…

नासिर काज़मी की कहानी उन्हीं की ज़बानी

आज बीसवीं सदी के बड़े शायरों में एक नासिर काज़मी की जन्मशताब्दी है। आज पढ़िए उनकी डायरी का एक अंश…

एक शब्द के कितने मानी

हाल ही में प्रकाशित प्रशांत रमन रवि के काव्य-संग्रह ‘पहाड़ में प्रार्थना’ पर यह टिप्पणी दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा मनीषा…

कामिनी कौशल के बहाने

पिछले महीने अभिनेत्री कामिनी कौशल का निधन हो गया। उन्होंने अभिनय के विभिन्न आयामोँ को छुआ। नई पीढी उन्हें चरित्र…

‘बीसवीं शताब्दी के तानाशाह’ के बहाने कुछ बातें

हाल में राजकमल प्रकाशन से अशोक कुमार पांडेय की किताब आई है ‘बीसवीं शताब्दी के तानाशाह’। इस किताब को पढ़कर…

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