रसखान के जीवन पर आधारित उपन्यास का एक अंश

वाणी प्रकाशन से शीघ्र प्रकाश्य उपन्यास ‘मानुष हौं तो’ कथाकार भगवानदास मोरवाल का तेरहवाँ उपन्यास है। वाणी प्रकाशन से पिछले…

अचीन्हे विषयों से पहचान कराती कविताएँ

अमेय कान्त के हालिया प्रकाशित काव्य-संग्रह ‘किसी छूटे हुए दिन में’ पर यह टिप्पणी लिखी है वरिष्ठ कवि राजेश सक्सेना…

पानी की स्मृति और भविष्य की प्यास : कुमारी रोहिणी

फणीश्वरनाथ रेणु जब 'मैला आंचल' या अपनी कहानियों में पूर्णिया के आंचलिक जल-संसार को रचते हैं, तो कोसी और उसकी…

हमारा देश और पर्यावरण

आज विश्व पर्यावरण दिवस है। इस अवसर पर पढ़िए प्रसिद्ध लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ का यह लेख जो पर्यावरण को लेकर…

नेपाली भाषा के कवि देवेन्द्र खेरेस की कविताएँ

आज पढ़िए नेपाली भाषा के कवि देवेन्द्र खेरेस की कविताएँ। उन्होंने अपना पहला कविता–संग्रह ‘रूङ्रीको बयान र नदी किनारा’ सन्…

राहुल गांधी अगर राहुल गांधी न होते!

हाल में ही रामचंद्र गुहा द्वारा राहुल गांधी पर लिखे एक लेख की बहुत चर्चा है। ऐसे में इस लेख…

सर्जनात्मक शिक्षा: समय की माँग

सृजनशीलता मानवीय व्यक्तित्व का सर्वोच्च और मूलभूत क्षमता है, जो व्यक्ति को जीवन एवं जगत्‌ के बहुआयामी यथार्थ के बने-बनाए…

बशीर बद्र: मेरी यादों, मेरी ज़बान और मेरी साँसों में!

आज बशीर बद्र जो, उनकी शायरी को याद कर रहे हैं सुहैब अहमद फ़ारूक़ी। पेशे से पुलिस अफ़सर हैं, मिज़ाज…

बाल कहानी ‘ट्रेन का सफ़र’

आज पढ़िए योगेश कुमार ध्यानी की एक बाल कहानी ‘ट्रेन का सफ़र’ – अनुरंजनी ================== ट्रेन का सफ़र ट्रेन ने…

कृतज्ञता: भारतीय विचारसरणी के समसामयिक प्रस्थान

आज पढ़िए युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर का अनूठा लेख: कृतज्ञता पर। हमेशा अलग अलग तरह के विषयों पर लिखने वाले…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी