नेहरू, गुरु दत्त और संवेदनशील भारत का अवसान

मनोज कुमार झा जी सार्वजनिक जीवन के उन गिने-चुने लोगों में हैं जो कमाल के वक्ता होने के साथ-साथ बेजोड़…

बशीर बद्र ने याद और आधुनिक अकेलेपन को शायरी में कैसे बदला 

कल महान शायर बशीर बद्र का देहांत हो गया। वे बहुत संजीदा शायर थे और उतने ही लोकप्रिय भी थे।…

लुगदी रसोई: हिंदी में जर्मन क्राइम-फ़िक्शन

जर्मनी के क्राइम फ़िक्शन की किताब आई है ‘लुगदी रसोई’। मूल जर्मन भाषा से अनूदित और वाणी प्रकाशन से प्रकाशित…

फ़ीफ़ा:महायज्ञ से पहले मंत्रोच्चार

फुटबॉल का विश्वकप यानी फ़ीफ़ा शुरू होने वाला है। लेखिका दीप्ति कुशवाह का यह लेख उसी की उत्तेजना, उसी के…

कृष्ण समिद्ध की दस कविताएँ

आज पढ़िए कृष्ण समिद्ध की दस कविताएँ। ये कविताएँ पिछले बीस वर्षों में लंबे-लंबे अंतराल पर लिखी गई हैं जिन्हें…

प्रभाष जोशी से अरविंद दास की बातचीत

हिन्दी के पहले समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ के दो सौ साल पूर हो रहे हैं. हिंदी पत्रकारिता की विकास यात्रा…

किस्से काशी के चौकीदारों के: मृणाल पाण्डे

आज पढ़िए प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे का लिखा काशी के चौकीदारों का क़िस्सा। काशी सनातन नगरी है और उसके क़िस्से…

सविता सिंह और सिल्विया प्लाथ की कविता में अस्तित्व का जादुई यथार्थ

प्रसिद्ध कवयित्री सविता सिंह की एक कविता ‘सपने और तितलियाँ’ पर यह विश्लेषणात्मक टिप्पणी लिखी है हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व…

ज्योति की कविताएँ

आज पढ़िए ज्योति की कविताएँ। ज्योति शोधार्थी हैं और कविताएँ लिखती हैं। उनकी कविताओं के केंद्र में स्त्री जीवन के…

यांग शुआंग-ज़ी और इंटरनेशनल बुकर प्राइज़

इस साल इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ 2026 ताइवानी लेखक यांग शुआंग-ज़ी के उपन्यास ताइवान ट्रैवलॉग को मिला है। मंदारिन भाषा में लिखा…

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