1970-80 के दशक में जो लोग बड़े हो रहे थे धर्मेंद्र उनकी यादों में तरह-तरह से बसे हैं। इसी तरह…
Category: स्मरण
अवधेश प्रीत: गर रहते तो चार कदम और साथ चल लेते
तीन दिन पहले ही जाने-माने लेखक, संपादक अवधेश प्रीत का निधन हो गया। आज उनको याद करते हुए वरिष्ठ लेखक…
निर्मल वर्मा: जयशंकर की निगाह में
वरिष्ठ लेखक जयशंकर का लिखा ‘वे निर्मल दिन’ का यह हिस्सा समास-26 में प्रकाशित हुआ था। चूँकि वरिष्ठ लेखक जयशंकर…
शिवानी जयंती पर मृणाल पाण्डे का लेख
आज प्रसिद्ध लेखिका शिवानी जी की जयंती है। शिवानी को याद करते हुए आज प्रस्तुत है यह लेख जो उनकी…
निदा फ़ाज़ली: पहचानते तो होंगे निदा फ़ाज़ली को तुम
कल प्रसिद्ध शायर निदा फ़ाज़ली की जयंती थी। इस मौक़े पर उनको याद करते हुए यह टिप्पणी लिखी है सुहैब…
छन्नूलाल मिश्र : मृत्यु के बगैर तो बनारस भी अधूरा है
प्रसिद्ध गायक छन्नूलाल मिश्र का निधन हो गया। उनको, उनके संगीत को याद करते हुए यह टिप्पणी लिखी है कवि…
मजरूह सुल्तानपुरी: एक शायर, एक मुक़दमा
आज प्रसिद्ध शायर, गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी की जयंती है। इस अवसर पर पढ़िए शायर, पुलिस अधिकारी सुहैब अहमद फ़ारूक़ी का…
बाघों के सबसे प्रिय दोस्त वाल्मीकि थापर का जाना
प्रकृति प्रेमी, बाघों के संरक्षण के लिए आजीवन काम करने वाले वाल्मीकि थापर नहीं रहे। उनके अतुलनीय योगदान को याद…
‘उस्ताद ज़ाकिर हुसैन: 1951- फॉरएवर’
दिनांक 15 दिसंबर 2024 को यह खबर सोशल मीडिया पर फैल गई कि उस्ताद ज़ाकिर हुसैन गुज़र गए। ना जाने…
विष्णु खरे का सर्टिफिकेट
आज विद्वान कवि विष्णु खरे को याद करने का दिन है। उनको अपनी ही शैली में गल्पमिश्रित स्मरण लेख में…



