अर्पण कुमार की कहानी ‘डायनिंग टेबल’

आज पढ़िए कवि-लेखक अर्पण कुमार की कहानी ‘डाइनिंग टेबल’। इस कहानी को अप्रैल माह में अखिल भारतीय डॉ. कुमुद टिक्कू कहानी…

‘अंतिम आश्रय’ उपन्यास का मार्मिक अंश

त्रिपुरारि शरण के उपन्यास ‘अंतिम आश्रय’ का मार्मिक अंश। यह त्रिपुरारि शरण का दूसरा उपन्यास है। हिन्दी में पीरियड उपन्यास…

मुहर्रम: स्मृति, प्रतिरोध और सत्य की अमर परंपरा

मुहर्रम को प्रायः एक धार्मिक आयोजन या शोक-परंपरा के रूप में देखा जाता है, लेकिन उसके भीतर स्मृति, प्रतिरोध और…

रेवा अमरकंटक वाली तुम हो भोली भाली

युवा लेखिका प्रियंका नारायण नदियों पर, ऐतिहासिक स्थलों पर बहुत डूबकर लिखती हैं। उनका यह लेख माहेश्वर और नर्मदा पर…

मैं वापस आऊँगा: स्मृतियों, प्रेम और बँटवारे के दर्द का सिनेमाई रूपांतरण

इम्तियाज़ अली की फ़िल्में, ख़ासकर ‘मैं वापस आऊँगा’ देखकर आप भावनात्मक रूप से उद्वेलित हो जाते हैं। आप उस फ़िल्म…

केदार कानन: फूल बाबू का बंगला

आज आज हिन्दी-मैथिली के बड़े विजन वाले लेखक राजकमल चौधरी की पुण्यतिथि है। राजकमल के निधन के 59 साल हो…

पाठक की कहानी एक पाठक की ज़ुबानी

लोकप्रिय साहित्य पर हिंदी में अपेक्षाकृत कम गंभीर लेखन हुआ है, जबकि उसके पाठकों की दुनिया बेहद व्यापक, जीवंत और…

आचार संहिताओं का मूल्यांकन करती कविताएँ: हज़ारों निशान

पिछले जून जानकीपुल पर शिवांगी गोयल की कुछ कविताएँ प्रकाशित हुई थीं। और ठीक एक साल बाद शिवांगी अपने पहले…

‘विचार और वजूद’ लोक की जड़ों में रोपी गई जमीन की हकीकत

प्रसिद्ध लेखिका नूर ज़हीर के 2008 में प्रकाशित उपन्यास ‘बड़ उरैये’ के बहाने वैचारिकता के संघर्ष पर यह टिप्पणी लिखी…

एक पोटली में कितने दाने

  हाल ही में आलोक कुमार मिश्र का कविता-संग्रह ‘पोटली के दाने’ प्रकाशित हुआ है। आज इस संग्रह की चर्चा…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी