आज पढ़िए समकालीन हिन्दी कविताओं की प्रमुख हस्ताक्षरों में स्मिता सिन्हा के कविता संग्रह ‘रुंधे कंठ की अभ्यर्थना’ की समीक्षा।…
Author: prabhat
इब्ने सफी का अफ़साना कुछ यूँ शुरू हुआ
जाने-माने पत्रकार और अनूठे विषयों पर लिखने वाले लेखक यशवंत व्यास की किताब आई है ‘बेगम पुल से दरियागंज’, जिसमें…
त्रिभुवन की कहानी ‘बहावलपुर की आख़िरी ट्रेन’
आज कल सोशल मीडिया पर कहानियों की चर्चा खूब हो रही है। पिछले दिनों दो कहानियों को लेकर फ़ेसबुक पर…
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्म पर अदिति भारद्वाज
युवा लेखिका अदिति भारद्वाज ने फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की एक नज्म ‘मुझ से पहली सी मोहब्बत मिरी महबूब न माँग’…
सतीश शाह : मुस्कान का वह चेहरा जो अब अमर हो गया है
संस्कृतिकर्मी वाणी त्रिपाठी टिक्कू ने आज अपने स्तंभ में सतीश शाह को याद किया है। वाणी त्रिपाठी जब टीवी और फ़िल्मों…
छठ के बहाने सूर्य की कथा
आज छठ है। शाम के समय डूबते सूर्य को अर्ध्य अर्पित किया जाएगा। इस अवसर पर बीएचयू में प्राचीन भारतीय…
रविंद्र कुमार का लेख ‘थप्पड़शाही’
रविन्द्र कुमार अमेरिका स्थित ‘ओरेगन विश्वविद्यालय’ के इतिहास विभाग में ‘आधुनिक दक्षिण एशियाई इतिहास’ के शोध छात्र हैं।उन्होंने इस लेख…
‘बिदाय दे मा’ पर भाषाविद सुरेश पंत की टिप्पणी
पिछले साल सुधीर विद्यार्थी की एक किताब आई ‘बिदाय दे मा’। किताब में क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाकउल्ला ख़ाँ, शचींद्रनाथ…
हमने मिथकों को जाना कम और पूजा ज़्यादा है
हैदराबाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी विश्वजीत पाण्डेय ने मिथकों पर यह लेख लिखा है और भारतीय मिथकों को कई तरह से…
निर्मल वर्मा: जयशंकर की निगाह में
वरिष्ठ लेखक जयशंकर का लिखा ‘वे निर्मल दिन’ का यह हिस्सा समास-26 में प्रकाशित हुआ था। चूँकि वरिष्ठ लेखक जयशंकर…



